Posted in November 11, 2009
by arun singla


जिनके इरादे बुलंद, वो जख्म नहीं देखते
23 दिसंबर, 1995 को हुए डबवाली अग्निकांड में पांचवीं क्लास का एक छात्र साहिल सेठी का शरीर पचास प्रतिशत से ज्यादा जल गया था। उसके साथ में उसकी बहन भी इस हादसे का शिकार बन गई थी। साहिल ने फिर भी हार न मानते हुए अपनी अपंगता व आर्थिक परेशानी को बाधा न बनने देते हुए अपने पक्के इरादे के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखी। मेहनत के बल पर पहले बीटेक पास की और बाद में एमबीए की पढ़ाई के लिए कैट की परीक्षा पास की। डबवाली अग्निकांड पीडि़त एसोसिएशन के प्रवक्ता व साहिल के दादा ने बताया कि साहिल को एक साथ छह आईआईएम से दाखिले की काल आई, लेकिन साहिल ने आईआईएम अहमदाबाद को चुना। उसके अनुसार वह जिले में पहला लड़का है, जिसका दाखिला आईआईएम में हुआ है। किसकी क्या हिस्सेदारी तय की गर्ग कमीशन ने : हाईकोर्ट के आदेश पर बनें जस्टिस टीपी गर्ग कमीशन ने अपनी रिपोर्ट में मुआवजा की राशि का अस्सी प्रतिशत हिस्सा डीएवी ग्रुप, दस प्रतिशत डीसी सिरसा व पांच-पांच प्रतिशत एमसी व बिजली बोर्ड से लेने की सिफारिश की थी। कमीशन ने इस कांड से प्रभावित लोगों को उनकी उम्र व उनके आय के हिसाब से मुआवजा देने की सिफारिश भी की थी। एक-एक लाख का मुआवजा दे चुकी है हरियाणा सरकार : हरियाणा सरकार ने उस समय प्रत्येक मृतक के परिवार को एक-एक लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल होने वाले लोगों को 50-50 हजार रुपये अनुदान के रूप में दिए थे। अदालत के आदेशों पर घायलों के उपचार पर होने वाला खर्च भी सरकार ने उठाया गया था।

Read more
Posted in
by arun singla



14 साल पहले हुए डबवाली अग्निकांड के पीडि़तों के लिए सोमवार खुशियां लेकर आया। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की खंडपीठ ने डबवाली अग्निकांड से पीडि़त लोगों का मुआवजा तय करते हुए हरियाणा सरकार को चार माह के भीतर भुगतान का आदेश दिया। फैसले में कहा गया कि कुल मुआवजा राशि का 45 प्रतिशत हिस्सा हरियाणा सरकार देगी जबकि 55 प्रतिशत राजीव मैरिज पैलेस व डीएवी ग्रुप देगा। हरियाणा सरकार के हिस्से में 15 प्रतिशत नगर परिषद डबवाली, 15 प्रतिशत बिजली बोर्ड व 15 प्रतिशत उस समय के उपायुक्त एमपी बदलान को देना होगा। हाईकोर्ट ने अपने ऐतिहासिक फैसले में हरियाणा सरकार को मुआवजे के अतिरिक्त पीडि़त लोगों को मुकदमा राशि का भुगतान करने का भी आदेश दिया। अगर चार माह के भीतर मुआवजे की राशि नहीं दी जाती है तो यह कोर्ट की अवमानना होगी और सरकार को राशि पर दस प्रतिशत ब्याज देना होगा। हाईकोर्ट ने यह मुआवजा राशि जून, 2003 की तारीख से तय की है। हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त कमीशन ने इस हादसे में मारे गए लोगों के लिए आयु व उनकी आय के हिसाब से अलग-अलग श्रेणी में मुआवजा तय किया था, जिस पर पीडि़त लोगों ने आपत्ति दर्ज की थी। पीजीआई और एम्स में होगा मुफ्त इलाज : इस हादसे में जो लोग पीडि़त हैं, अगर राज्य सरकार के अस्पताल में उनके इलाज की सुविधा नहीं है तो पीजीआई और एम्स में उनका मुफ्त इलाज करवाया जाए। क्या था डबवाली अग्निकांड : डबवाली के डीएवी पब्लिक स्कूल के वार्षिक समारोह, जो राजीव मैरिज पैलेस में 23 दिसंबर 1995 को हो रहा था, को भयंकर आग ने अपनी चपेट में ले लिया था। परिणामस्वरूप स्कूली बच्चों, टीचरों, अभिभावकों आदि में से कुल 446 लोगों की मृत्यु हो गई थी और लगभग 200 लोग झुलस गए थे या घायल हुए थे।

Read more

Blog links

Blog Archive

Search

Copyright 2010 @ Welcome To Dabwali News