डबवाली ARUN स्टेशन पर कार्यरत सहायक स्टेशनमास्टर की आज अचानक मौत हो गई। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए डबवाली के राजकीय अस्पताल के मुर्दाघर में रखा गया है।मिली जानकारी के अनुसार सहायक स्टेशनमास्टर श्याम लाल पिछले कुछ समय से बीमार चल रहा था। इसको लेकर उसका इलाज राजस्थान के हनुमानगढ़ रेलवे अस्पताल में चल रहा था। आज श्याम लाल किसी काम से न्यू बस स्टैण्ड़ रोड़ पर आया था कि बाल्मीकि चौक के समीप अचानक उसे खुन की उलटी हो गई। इसकी जानकारी मिलने पर डबवाली के स्टेशनमास्टर महेश कुमार मौके पर पहुंच गए और श्यामलाल को चिकित्सा के लिए डबवाली के राजकीय अस्पताल में पहुंचाया। यहां डाक्टरों ने श्याम लाल को मृत घोषित कर दिया। इसकी सूचना थाना शहर डबवाली को दी गई। पुलिस ने अस्पताल पहुंच कर श्याम लाल के शव को कार्यवाही के लिए अपने कब्जे में ले लिया।

डबवाली(ARUN)पजांब खेत मजदुर सभा के मजदुरों ने पजांब के गांव लम्बी में स्थित बी.डी.पी.ओ के कार्यलय के समक्ष अपनी मागों को लेकर धरना व रोष प्रदर्शन कर बी.डी.पी.औ को मांग पत्र सौपा। उन्होने पजांब सरकार से मांग की हैं कि रोजगार गारंटी योजना को सख्ती से लागु किया जाऐ तथा गरीबो को महगाई से राहत दिलाने के लिए जरूरत मंद चीजों को डिपोओं द्वारा आधे रेट पर उपलब्ध करवाया जाऐ। उन्होने मांग की हैं कि गरीब मजदुरों को दस मरले का प्ंलाट मुफत दिया जाऐ ओर उसमें मकान के निर्माण हेतु एक लाख की ग्रांट दी जाए और शौंचालय बनाने हेतु 15 हजार की राशि प्रदान की जाऐ। उन्होनें अपने मांग पत्र में यह भी लिखा हैं कि बुढापा , विधवा व विकलंाग पैशन हजार रूपऐ प्रति माह दी जाऐ तथा माह के पहले सप्ताह पैंशन राशि वितरित की जाऐ। उन्होनें पजांब सरकार को चेतावनी भरे लहजें में कहा हैं कि अगर हमारी मांगे शीघ्र पूरी न की गई तो पजांब खेत सभा के मजदूर 15 जनवरी को बी.डी.पी.ओ कार्यलय मुक्तसर में धरना दिया जाऐगा और उपायुक्त कार्यलय के समक्ष पजांब सरकार का पुतला फ ूंका जाऐगा। इस अवसर पर पजंाब खेत मजदूर सभा के महासचिव नानक चन्द बजाज, सर्वणसिंह नागोंके, गुरमुख सिंह बादल , मंहगा सिंह दोदा, गुरतेज सिंह बाम, कलवत सिंह समाग, गजराज सिंह, कार्यलय सचिव के इलावा महिला विंग की प्रधान किरण बजाज व जिला महासचिव राजवीर कौर उपस्थित थी।

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खैबर में आतंकी संगठन के मुख्यालय में आत्मघाती हमला....कराची/पेशावर। पाकिस्तान के कराची में शुक्रवार को एक मकान में हुए विस्फोट में आठ लोग मारे गए और कई घायल हुए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बाल्दिया शहर में यह विस्फोट संभवत: दुर्घटनावश हुआ था। वहां दो कलाश्निकोव राइफलें, 22 ग्रेनेड और दो आत्मघाती जैकेट मिले हैं। विस्फोट स्थल पर मिले एक शव की जेब से दो ग्रेनेड मिले हैं। विस्फोट स्थल से दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। कराची में ही बंदूकधारियों ने बीते दो दिनों में 15 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी और कई अन्य को घायल कर दिया। मृतकों में ज्यादातर लोग राजनीतिक कार्यकर्ता शामिल हैं।सिर कटी लाश मिलने के बाद हिंसा बढ़ीसिंध में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के साथ सत्ता में साझ्दोर मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट (एमक्यूएम) के एक कार्यकर्ता की सिर कटी लाश मिलने के बाद यहां हिंसा अचानक बढ़ गई है। पुलिस ने टीवी न्यूज चैनलों को बताया कि अज्ञात बंदूकधारियों ने शहर के गार्डन और लियारी इलाकों में अंधाधुंध गोलियां चलाईं।
उधर, खैबर कबायली क्षेत्र में एक प्रतिबंधित आतंकी संगठन के मुख्यालय पर आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा दिया। इस घटना में छह लोग मारे गए और 12 अन्य घायल हुए।प्रधानमंत्री ने चिंता जताईप्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हमलावर ने खैबर एजेंसी की तिरा घाटी में ‘अनसर उल इस्लाम’ संगठन के मुख्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार से घुसने की कोशिश की थी। गृह मंत्री मलिक ने बताया कि कराची जैसे शहरों में रह रहे अवैध प्रवासियों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने चिंता जताई है कि कराची में रिहायशी इलाके में विस्फोटक संग्रहित था और विधि प्रवर्तन एजेंसियों को इसका पता नहीं था। उन्होंने घटना की जांच के आदेश दिए हैं ओर अधिकारियों को यथाशीघ्र रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है।

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वीरू फिसले, गंभीर टॉप पर कायम

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by arun singla

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता सुनील शेट्टी के लिए वर्ष 2009 की शुरूआत एक एक्सीडेंट से हुई थी, जिसके कारण उन्हें तीन महीनें तक बिस्तर पर आराम करना पडा और वर्ष के खत्म होते-होते वे अपना हाथ जला बैठे। मेरा हाथ अब ठीक हो रहा है। सुनील कहते है, जो हाल ही में अपने परिवार के साथ बाली में छुिटयॉ मनाकर लौटे है। शुक्रवार है कि वहां पर उनके साथ कुछ बुरा नहीं घटा। सुनील कहते है सीने पर लगी चोट के कारण 2009 का ज्यादातर समय मेरा बिस्तर पर ही गुजरा। मै जिम नहीं जा सका। सबसे बुरी बात तो ये कि मै ठीक से सो भी नहीं पाया। और हाथ पर चोट लग गई। होता है, हमारी लाइन में चोट लगती रहती है। सुनील भले ही इन चोटों को हल्के तौर पर ले रहे हो, लेकिन उनकी पत्नी, बच्चो और माता-पिता ने इसे गंभीरता से लेते हुए खतरनाक स्ंटंट करने से मना कर दिया है। इस बारे में सुनील कहते है। अब ये युवा अभिनेताओं को करने दो। हाल मै मैने साउथ एशिया इंटरनेशनल फिल्म फेसिटवल में रेड अलर्ट के लिए श्रेष्ठ अभिनेता का अपना पहला अवार्ड जीता है। समय है अब अगले चरण में जाने का।

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नई दिल्ली। भारतीय ऑटो कंपनियां वैश्विक बाजार में हिस्सेदारी के मामले में अगले पांच वर्षों में ‘विजेता’ बनने को तैयार हैं और ये ह्यूंदै, टोयोटा, होंडा और फॉक्सवैगन जैसी स्थापित कंपनियों की श्रेणी में शामिल हो जाएंगी। अग्रणी कंसल्टेंसी फर्म केपीएमजी के एक सर्वेक्षण के मुताबिक, वैश्विक ऑटो बाजार में विजेताओं में अगले पांच वर्षों में चीन और भारत की विभिन्न वाहन विनिर्माता शामिल होंगे। सर्वेक्षण में जब 200 वरिष्ठ कार्यकारियों से उन कंपनियों के बारे में अनुमान व्यक्त करने को कहा गया जो अगले पांच वर्षों में निर्यात बाजार में प्रमुख हिस्सेदार होंगी, उन्होंने विभिन्न चीनी और भारतीय ऑटो कंपनियों की ओर इशारा किया। सर्वेक्षण में कहा गया कि ऑटो उद्योग नए निवेश एवं वृद्धि दर के साथ अगले पांच वर्षों में स्थिरता की ओर बढ़ेगा। उल्लेखनीय है कि वैश्विक ऑटो उद्योग अब भी आर्थिक दिक्कतों का सामना कर रहा है जिसमें उच्च बेरोजगारी दर, ऋण बाजार में बाधा और सरकारी नियमनों में स्पष्टता सहित प्रोत्साहन कार्यक्रमों पर रुख साफ नहीं होना शामिल है।महिंद्रा का प्रीमियम एसयूवी अगले सालमहिंद्रा एंड महिंद्रा अगले वित्त वर्ष के अंत तक देश में एक प्रीमियम स्पोट्‌र्स यूटिलिटी वीकल (एसयूवी) लांच करेगी जिसका बाद में अमेरिका को निर्यात किया जाएगा। कंपनी इसके विकास पर 700-800 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। महिंद्रा एंड महिंद्रा के अध्यक्ष (ऑटोमोटिव) पवन गोयनका ने यहां ऑटो एक्सपो में बताया कि हम स्कॉर्पियो से ऊपर प्रीमियम खंड की ओर बढ़ रहे हैं। वैश्विक बाजारों को ध्यान में रखकर इसे विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कंपनी इसे अपनी नई चाकन फैक्टरी से पेश करेगी जिसके एक साल के भीतर भारतीय सड़कों पर आने की संभावना है। गोयनका ने कहा कि हम नई एसयूवी को विकसित करने पर 700-800 करोड़ रुपये का निवेश कर रहे हैं और यह निवेश निर्यात बाजार को भी ध्यान में रखकर किया जा रहा है।मैपइंडिया का ट्रेलब्लेजर नेवीगेटरजीपीएस और नेवीगेशन सॉल्यूशंस के क्षेत्र में सक्रिय कंपनी मैपइंडिया ने प्रगति मैदान में चल रहे ऑटो एक्सपो में मोटरसाइकिल सवारों के लिए अपना नया प्रोडक्ट ट्रेलब्लेजर लांच किया। कंपनी के मुताबिक इसमें देश के 620 शहरों के नक्शे उपलब्ध हैं। इसके सहारे देश भर में विभिन्न स्थानों के बारे में सटीक जानकारी प्राप्त की जा सकती है। इसमें एटीएम, पेट्रोल पंप, रेस्टोरेंट, हॉस्पिटल, होटल और नेशनल पार्क जैसे 20 लाख स्थलों की जानकारी दी गई है। वाटर प्रूफ होने के कारण यह बाइक सवारों के इस्तेमाल के लिए पूरी तरह उपयुक्त है। इसमें लगे एफएम ट्रांसमीटर के जरिए एफएम रेडियो का भी मजा लिया जा सकता है। नेवीगेटर में वाइस गाइडेंस की सुविधा भी मौजूद है।डिजाइन पवेलियन में प्रतिभा की झलकडिजायनर और कॉसेप्ट कारों के कद्रदानों को ऑटो एक्सपो की डिजाइन पवेलियन खासी पसंद आ रही है। पवेलियन में विभिन्न डिजाइनिंग कंपनियों ने अपनी डिजाइनर गाड़ियों को प्रदर्शित किया है। इसके अलावा विभिन्न संस्थानों के ऑटो इंजीनियरिंग के छात्रों की डिजाइनिंग की प्रतिभा भी यहां देखने को मिल रही है। दर्शक जहां इनकी बनाई कारों के डिजाइनों को सराह रहे हैं, वहीं इन छात्रों को एक्सपो के मंच के जरिए विश्व की नामी-गिरामी कंपनियों के डिजाइनों से प्रतियोगिता करने का अवसर भी मिल रहा है। आईआईटी दिल्ली, दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, केजे सोमैया कॉलेज, चितकार यूनिवर्सिटी, एमएच साबू सिद्दीक कॉलेज आदि संस्थानों के छात्रों के डिजाइन यहां देखे जा सकते हैं। इसके अलावा दिलीप छाबड़िया, दसमानिया ऑटो स्टूडियो और सिंगापुर की रेफल्स मिलेनियम जैसी डिजाइनिंग कंपनियां भी यहां शिरकत कर रही हैं।डीजल प्लैनेट दूर कर रहा गलतफहमियांऑटो एक्सपो में डीजल से चलने वाली गाड़ियों और डीजल इंजन के बारे में लोगों में फैली भ्रांतियों को दूर करने के लिए खासतौर पर एक पवेलियन सजाया गया है। डीजल प्लैनेट नाम के इस पवेलियन में लोगों के मन में बैठी इन गलतफहमियों का निराकरण किया जा रहा है कि डीजल वाहन अधिक धुआं छोड़ते हैं, इनमें इ5धन की खपत ज्यादा होती है और डीजल इंजन अधिक आवाज करता है। पवेलियन में टाटा मोटर्स, कमिंस और बॉश जैसी कंपनियों की मौजूदगी देखी जा सकती है। बॉश के इंजीनियर लोगों को बता रहे हैं कि डीजल से चलने वाली गाड़ियों में ईधन की खपत 30 फीसदी कम होती है, जबकि कार्बनडाईआक्साइड का उत्सर्जन 25 प्रतिशत कम होता है। लोगों को बताया जा रहा है कि बैटरी से चलने वाले वाहन भविष्य का एक विकल्प हो सकते हैं पर डीजल इंजन का महत्व अपनी जगह बना रहेगा। कंपनियां अधिक दक्ष और कम आवाज व कंपन वाले डीजल इंजन के विकास में जुटी हुई हैं।‘ह्यूंदै सेफ्टी जोन’ में बच्चे ड्राइवरह्यूंदै मोटर ने अब बच्चों पर ध्यान केंद्रित किया है। 10वें ऑटो एक्सपो में ह्यूंदै सेफ्टी जोन में कंपनी बच्चों को खेल-खेल में ही सुरक्षित ड्राइविंग का ज्ञान देना चाहती है। यह कार्यक्रम खासकर स्कूली बच्चों में सड़क सुरक्षा की आदतों को विकसित करने को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। कंपनी के पवेलियन में बच्चों को चलाने के लिए बैटरी चालित कार उपलब्ध है। यहां बच्चों को वास्तविक जीवन में सड़क पर चलते वक्त आने वाली स्थितियों जैसे यातायात संकेत, लाइसेंस बूथ, पैदल चलने वालों के पुल, पैदल पार पथ, सुरंग से गुजरने का अनुभव कराया जाता है। इस अनुभव को यादगार बनाने के लिए कंपनी दिल्ली की एनजीओ इंस्टीट्यूट ऑफ रोड एंड ट्रैफिक सेफ्टी के साथ मिलकर बच्चों को एक विशेष लाइसेंस भी देती है।पुर्जो की कमी से महिंद्रा का उत्पादन प्रभावितकल-पुर्जो की आपूर्ति में कमी के कारण अक्टूबर से महिंद्रा एंड महिंद्रा के उत्पादन में करीब पांच फीसदी की हानि हुई है। कंपनी के अध्यक्ष (ऑटोमोटिव) पवन गोयंका ने 10वें ऑटो एक्स्पो के दौरान बताया कि आपूर्ति बाधा के कारण अक्टूबर से हमारी कंपनी का उत्पादन करीब पांच फीसदी प्रभावित हुआ है। विभिन्न किस्म के कल पुजो5 की आपूर्ति बाधित रही। उन्होंने कहा कि आपूर्ति में यह बाधा इसलिए है कि कल-पुर्जा निर्माताओं की उत्पादन क्षमता सीमित है। अनुमानों के विपरीत जिस तेजी से वाहनों की बिक्री बढ़ी, उसके हिसाब से कलपुर्जे नहीं मिल रहे हैं।बॉश तैयार कर रही एंटीलॉक ब्रेकिंग सिस्टमवाहनों के कल-पुर्जे बनाने वाली जर्मन कंपनी बॉश ने एंटीलॉक ब्रेकिंग सिस्टम (एबीएस) का निर्माण शुरू कर दिया है। कंपनी ने फॉक्सवैगन के साथ उसकी हाल ही लांच कार पोलो के लिए एबीएस की आपूर्ति करने के लिए गठबंधन किया है। बॉश ने कहा कि वह महाराष्ट्र के चाकन कारखाने की उत्पादन क्षमता 2013 तक बढ़ाकर आठ लाख इकाइयों की करेगी। अभी कारखाने की स्थापित क्षमता तीन लाख इकाइयों की है।

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लखनऊ। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख डा. मोहन राव भागवत का मानना है कि भारत से कोई दुश्मनी की हिम्मत न कर सके, इसके लिए पाकिस्तान को एक बार सबक सिखाना जरूरी है। संघ प्रमुख का मत है कि मौजूदा समय में भारतीय सीमाएं असुरक्षित हैं। पड़ोसी देशों में जितना पाकिस्तान दुश्मन है, उससे कम खतरा चीन से भी नहीं है। चीन युद्ध जरूर करेगा। नेपाल में उसने माओवादियों के जरिए अपनी जमीन तैयार कर ली है। उधर बांग्लादेश भी भारत की सुरक्षा को खतरे में डाल रहा है और केंद्र सरकार तमाम उन अवसरों को खोती जा रही है, जिसके जरिए देश को अपनी ताकत दिखाने का अवसर मिलता। संघ प्रमुख रविवार को लखनऊ के सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में लखनऊ क्षेत्र के स्वयंसेवकों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि संघ के प्रति कोई धारणा बनाने से पहले संघ को समझना होगा। समझने के लिए संघ के करीब आना होगा। संघ प्रमुख ने कहा कि हिन्दुत्व ही देश को एक रख सकता है। हिन्दुत्व के कमजोर होने का ही नतीजा हुआ कि गंधार अफगानिस्तान बन गया। भारत का विभाजन होकर पाकिस्तान बन गया।
संघ हिन्दुत्व को मजबूत करना चाहता है। संतो की भी महती जिम्मेदारी है कि वह हिन्दू समाज को एक करें। संघ प्रमुख ने इशारो-इशारों में शिवसेना और राजनीति में गए स्वयं सेवकों भी कड़े प्रहार किए। उन्होंने कहा कि प्रांत और भाषा के आधार पर भावनाएं भड़काने वाले कभी हिन्दुत्व के समर्थक नहीं हो सकते, वह वोट की फसल जरूर काट सकते हैं। राजधानी में उनके स्वागत में बैनर-होर्डिग लगे होने पर उन्होंने कहा कि संघ के कुछ लोग राजनीति में गए हैं, उन्हें वहां की आदत लग लग गई है, इसलिए वह इस तरह का आचरण कर रहे हैं।
संघ प्रमुख ने अमेरिका को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका खुद अफगानिस्तान और इराक पर तो बमबारी करता है लेकिन भारत को शांति बनाए रखने की नसीहत देता है। दुनिया में बढ़ती अशांति के लिए उन्होंने अहंकारयुक्त कट्टरपन और अमेरिका सरीखी अधिनायकवादी नीतियों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि एकता के लिए एकरूपता जरूरी नहीं बल्कि विविधता में एकता जरूरी है। अमेरिका दुनिया में अपनी चार प्रतिशत आबादी के लिए दुनिया के 80 प्रतिशत संसाधानों पर कब्जा जमाए रखना चाहता है। डा. भागवत ने कहा कि संघ का लक्ष्य है कि हर आदमी में यह सोच पैदा हो कि वह दुनिया का अंग है। उन्होंने कहा, ''अपने आप को दुनिया का अंग मानकर परस्पर सहयोग का वातावरण बनाओ। दुनिया को परिवार को बनाओ, बाजार मत बनाओ, हिन्दुत्व का यही दर्शन है।''
नक्सलियों के साथ वार्ता पर भी संघ प्रमुख ने अपनी असहमति जताई। उन्होंने कहा कि जब तक नक्सली गोली बंद न करें, उनके साथ बोली नहीं होनी चाहिए। उन्होंने शासन-प्रशासन को यह सोचना होगा कि आखिर वजह क्या है कि लोग नक्सली बन रहे हैं।

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