नई दिल्ली, 16 जनवरी। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में एक बार फिर बर्ड फ्लू फैल गया है। इसकी पुष्टि होने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने तीन डॉक्टरों का एक दल घटनास्थल पर जांच के लिए भेज दिया। मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि मुर्शिदाबाद के खारग्राम और नबाग्राम इलाकों में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद तीन डाक्टरों का एक दल घटनास्थल के लिए रवाना हो गया है। इनमें एक दिल्ली और दो कोलकाता के डॉक्टर है।
जांच के बाद ये डॉक्टर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेंगे। सूत्रों का कहना है कि देश में बर्ड फ्लू के पुष्टि होने का इस साल यह पहला मामला है। कोलकाता से प्राप्त समाचार के अनुसार मुर्शिदाबाद के खारग्राम और नबाग्राम इलाकों में बर्ड फ्लू के संभावित खतरे को देखते हुए मुर्गी फार्मां में मुर्गियों को मारने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिलाधिकारी परवेज ए. सिद्दिकी ने कहा कि मृत मुर्गियों के नमूनों को भोपाल स्थित प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया था, जहां इनमें बर्ड फ्लू होने की पुष्टि हुई है। जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी सुभाष मंडल ने कहा कि इस संक्रमण के खतरे के मद्देनजर खारग्राम और खंडी के अस्पतालों में अतिरिक्त बिस्तरों की व्यवस्था कर दी गई है।
डबवाली(ARUN)- स्थानीय आर्य समाज विद्या मन्दिर प्रबन्धक कमेटी द्वारा आज आनन-फानन में करवाए जा रहे चुनावों में उस समय बवाल खड़ा हो गया। जब वहां पर संयोगवश विद्यालय के संस्थापक महाश्य हुकम चन्द छाबड़ा परिवार के सदस्य व विद्यालय के मैनेजर भारत मित्र छाबड़ा विद्यालय के प्रांगण में पहुंचे तो देखा कि विद्यालय के प्रधान राम किशन गुप्ता अपने कुछ चहेते सदस्यों को बुलाकर चुनाव करवा रहे थे और शिक्षा अधिकारी चण्डीगढ के निर्देशानुसार चुनाव करवाने पहुंची उपशिक्षा अधिकारी मैडम दर्शना अरोड़ा को गुमराह किया जा रहा था। विद्यालय के प्रांगण में चुनाव को लेकर काफी देर तक सदस्यों के बीच तकरारबाजी भी हुई तथा एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यरोप भी लगाए गए। विद्यालय के प्रसीपल जगदीश शर्मा से भी विद्यालय के सदस्य चित्रगुप्त छाबड़ा की तकरारबाजी हुई। विद्यालय के प्रधान के चहेते सदस्यों द्वारा छाबड़ा परिवार के सदस्यों को उपप्रधान व प्रबन्धक का पद देकर वरगलाने की कौशिश की गई छाबड़ा परिवार भी उनकी बातों में आ गया और चुनाव करवाने हेतु तैयार हो गए। लेकिन छाबड़ा परिवार के सदस्य चित्रगुप्त छाबड़ा व कुछ सदस्य सर्व सम्मति से चुनाव करवाने के लिए तैयार नहीं थे। उन्होंने कहा कि इस संस्था के कुल 60 सदस्य हैं तथा सभी की सहमती से ही चुनाव करवाए जाने चाहिए। छाबड़ा परिवार व विद्यालय के सदस्य रविन्द्र छाबड़ा, चित्रगुप्त छाबड़ा, भारत मित्र छाबड़ा, भारत भूषण छाबड़ा, राजिन्द्र छाबड़ा ने प्रबन्धक कमेटी के प्रधान पर यह आरोप लगाया है कि आज सम्पन्न होने वाले प्रबन्धक कमेटी के चुनावों बारे किसी भी सदस्य को सूचना नहीं दी गई। उन्होंने बताया कि चुनाव की सूचना स्थानीय समाचार पत्र में न देकर उस समाचार पत्र में सूचना दी जो डबवाली के आस-पास के क्षेत्र में वितरित नहीं होता। इससे यह साफ जाहिर होता है कि प्रबन्धक कमेटी के प्रधान राम किशन गुप्ता अपने चहेते सदस्यों में चुनाव करवाकर विद्यालय पर अपना एकाधिकार जमाना चाहते थे। छाबड़ा परिवार के सदस्यों ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि विद्यालय की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके और विद्यालय के चुनाव सभी सदस्यों की सहमति व उपस्थिति में करवाए जाऐं ताकि विद्यालय का सुधार हो सके। उधर शिक्षा विभाग से चुनाव करवाने आई उपशिक्षा अधिकारी मैडम दर्शना अरोड़ा ने बताया कि विद्यालय को मिलने वाली सरकारी ग्रान्ट तब तक नहीं मिलेगी। जब तक विद्यालय प्रबन्धन के चुनाव नहीं करवाए जाते। उन्होंने बताया कि चुनाव सम्बन्धी सूचना हेतु स्थानीय समाचार पत्रों या मीङ्क्षटग रजिस्टर पर सर्कूलर निकालकर सदस्यों के हस्ताक्षर करवाकर उन्हें सूचित करें। उन्होंने बताया कि विद्यालय के रिकार्ड में भी अनियमितताऐं के चलते असन्तुष्टी जताई।

