Posted in October 04, 2009
by arun singla


अब लगेंगी बिजली अदालत
भोपाल। राज्य सरकार बिजली से संबंधित शिकायतों का मौके पर ही निराकरण करने के लिए जल्द ही बिजली अदालत लगाने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसके लिए कार्य योजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। वे बुधवार को मंत्रालय में किसान मंच की बैठक ले रहे थे। उन्होंने कहा कि खेती को लाभदायी बनाने के लिए एक कार्यदल गठित कर कार्रवाही शुरू की गई है। चौहान ने कहा कि तीन फीसदी ब्याज दर पर कृषि कर्ज उपलब्ध करवाने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है। उन्होंने कहा कि आगामी रबी मौसम में गेहूं के समर्थन मूल्य पर किसानों को राज्य सरकार अपनी ओर से १०० रूपए प्रति क्विंटल का बोनस देगी। सीएम ने कहा कि खेत पर बने किसानों के मकान डायवर्सन से मुक्त होंगे। उन्होंने कहा कि आवश्यक होने पर इसके लिए राजस्व संहिता में भी संशोधन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों को उनके मकानों के मालिकाना हक पत्र देने की राज्य शासन की पायलट योजना का पूरे प्रदेश में विस्तार करने को कहा। ताकि किसान अधिकार पत्र का उपयोग ऋण और अन्य जरूरी कामों में कर सके।