तीन शहरों में मिले 43 लाख नकली नोट

Posted in November 19, 2009
by arun singla

राष्ट्रीय जांच एजेंसी देशद्रोहियों को खोजने व आतंकी हमलों की साजिशें नाकाम करने में जुटी है, वहीं एसटीएफ और पुलिस ने मंगलवार को कोलकाता में 31 लाख, दिल्ली में 10, मुंबई में 2.5 लाख की नकली करेंसी बरामद की। 31 लाख की नगदी तो अकेले लश्कर-हुजी से जुड़े तीन बांग्लादेशी आंतकियों से बरामद हुई है जिन्हें धर्मतल्ला में दबोचा गया। ये तीनों श्रमजीवी एक्सप्रेस धमाके और हैदराबाद एसटीएफ कार्यालय पर दफ्तर पर हमले में शामिल रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि हजार और पांच सौ के नोटों की यह खेपें बांग्लादेश के रास्ते देश में पहुंची है। एसटीएफ प्रमुख राजीव कुमार ने बताया कि आतंकियों अब्दुल बाकी, मुहम्मद तहिदुर और अब्दुल रहमान को धर्मतल्ला में उस वक्त दबोचा गया, जब वह बस स्टैंड पर मालदा जाने वाली गाड़ी के बारे में पूछ रहे थे। उनके बैगों से 31 लाख की करेंसी, फर्जी डीएल, वोटर आईडी मिले हैं। एसटीएफ प्रमुख ने कहा, तीनों मुर्शिदाबाद जिले से ट्रेन द्वारा कोलकाता पहुंचे थे। अब्दुल बाकी हैदराबाद स्थित एसटीएफ दफ्तर पर हमले में शामिल था जबकि तहिदुर श्रमजीवी एक्सप्रेस विस्फोट कांड में शामिल रहा। तीनों पाकिस्तान शाहिद बिलाल ग्रुप से जुड़े हैं,जो लश्कर-ए- तैयबा और हरकत उल जिहाद अल इस्लामी (हुजी) को आतंकी उपलब्ध करवाता है। पूछताछ में पता चला है कि अब्दुल रहमान हीली सीमा से घुसपैठ कर गत अप्रैल माह में भारत आया था जबकि बाकी कब आए इसका पता जांच के बाद चलेगा। कुमार ने कहा,आतंकियों से गिरोह के अन्य सदस्यों तथा कोलकाता में मौजूद मददगारों के बारे में पूछताछ की जा रही है। वहीं, दिल्ली पुलिस के सहायक आयुक्त नीरज ठाकुर ने बताया, पुलिस ने सफदरगंज इनक्लेव के निकट कमल सिनेमा के पास से वसीम, मजीबुर रहमान, रोहित यादव और विपिन खारी नामक व्यक्ति को दस लाख की नकली करेंसी के साथ पकड़ा। इसी प्रकार महाराष्ट्र एटीएस ने सेंट्रल मुंबई के सिवोन-कोलीवाडा क्षेत्र से झारखंड के पांच लोगों को ढाई लाख के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया।