दुनिया पर छाएगीं देसी ऑटो कंपनियां

Posted in January 11, 2010
by arun singla

नई दिल्ली। भारतीय ऑटो कंपनियां वैश्विक बाजार में हिस्सेदारी के मामले में अगले पांच वर्षों में ‘विजेता’ बनने को तैयार हैं और ये ह्यूंदै, टोयोटा, होंडा और फॉक्सवैगन जैसी स्थापित कंपनियों की श्रेणी में शामिल हो जाएंगी। अग्रणी कंसल्टेंसी फर्म केपीएमजी के एक सर्वेक्षण के मुताबिक, वैश्विक ऑटो बाजार में विजेताओं में अगले पांच वर्षों में चीन और भारत की विभिन्न वाहन विनिर्माता शामिल होंगे। सर्वेक्षण में जब 200 वरिष्ठ कार्यकारियों से उन कंपनियों के बारे में अनुमान व्यक्त करने को कहा गया जो अगले पांच वर्षों में निर्यात बाजार में प्रमुख हिस्सेदार होंगी, उन्होंने विभिन्न चीनी और भारतीय ऑटो कंपनियों की ओर इशारा किया। सर्वेक्षण में कहा गया कि ऑटो उद्योग नए निवेश एवं वृद्धि दर के साथ अगले पांच वर्षों में स्थिरता की ओर बढ़ेगा। उल्लेखनीय है कि वैश्विक ऑटो उद्योग अब भी आर्थिक दिक्कतों का सामना कर रहा है जिसमें उच्च बेरोजगारी दर, ऋण बाजार में बाधा और सरकारी नियमनों में स्पष्टता सहित प्रोत्साहन कार्यक्रमों पर रुख साफ नहीं होना शामिल है।महिंद्रा का प्रीमियम एसयूवी अगले सालमहिंद्रा एंड महिंद्रा अगले वित्त वर्ष के अंत तक देश में एक प्रीमियम स्पोट्‌र्स यूटिलिटी वीकल (एसयूवी) लांच करेगी जिसका बाद में अमेरिका को निर्यात किया जाएगा। कंपनी इसके विकास पर 700-800 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। महिंद्रा एंड महिंद्रा के अध्यक्ष (ऑटोमोटिव) पवन गोयनका ने यहां ऑटो एक्सपो में बताया कि हम स्कॉर्पियो से ऊपर प्रीमियम खंड की ओर बढ़ रहे हैं। वैश्विक बाजारों को ध्यान में रखकर इसे विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कंपनी इसे अपनी नई चाकन फैक्टरी से पेश करेगी जिसके एक साल के भीतर भारतीय सड़कों पर आने की संभावना है। गोयनका ने कहा कि हम नई एसयूवी को विकसित करने पर 700-800 करोड़ रुपये का निवेश कर रहे हैं और यह निवेश निर्यात बाजार को भी ध्यान में रखकर किया जा रहा है।मैपइंडिया का ट्रेलब्लेजर नेवीगेटरजीपीएस और नेवीगेशन सॉल्यूशंस के क्षेत्र में सक्रिय कंपनी मैपइंडिया ने प्रगति मैदान में चल रहे ऑटो एक्सपो में मोटरसाइकिल सवारों के लिए अपना नया प्रोडक्ट ट्रेलब्लेजर लांच किया। कंपनी के मुताबिक इसमें देश के 620 शहरों के नक्शे उपलब्ध हैं। इसके सहारे देश भर में विभिन्न स्थानों के बारे में सटीक जानकारी प्राप्त की जा सकती है। इसमें एटीएम, पेट्रोल पंप, रेस्टोरेंट, हॉस्पिटल, होटल और नेशनल पार्क जैसे 20 लाख स्थलों की जानकारी दी गई है। वाटर प्रूफ होने के कारण यह बाइक सवारों के इस्तेमाल के लिए पूरी तरह उपयुक्त है। इसमें लगे एफएम ट्रांसमीटर के जरिए एफएम रेडियो का भी मजा लिया जा सकता है। नेवीगेटर में वाइस गाइडेंस की सुविधा भी मौजूद है।डिजाइन पवेलियन में प्रतिभा की झलकडिजायनर और कॉसेप्ट कारों के कद्रदानों को ऑटो एक्सपो की डिजाइन पवेलियन खासी पसंद आ रही है। पवेलियन में विभिन्न डिजाइनिंग कंपनियों ने अपनी डिजाइनर गाड़ियों को प्रदर्शित किया है। इसके अलावा विभिन्न संस्थानों के ऑटो इंजीनियरिंग के छात्रों की डिजाइनिंग की प्रतिभा भी यहां देखने को मिल रही है। दर्शक जहां इनकी बनाई कारों के डिजाइनों को सराह रहे हैं, वहीं इन छात्रों को एक्सपो के मंच के जरिए विश्व की नामी-गिरामी कंपनियों के डिजाइनों से प्रतियोगिता करने का अवसर भी मिल रहा है। आईआईटी दिल्ली, दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, केजे सोमैया कॉलेज, चितकार यूनिवर्सिटी, एमएच साबू सिद्दीक कॉलेज आदि संस्थानों के छात्रों के डिजाइन यहां देखे जा सकते हैं। इसके अलावा दिलीप छाबड़िया, दसमानिया ऑटो स्टूडियो और सिंगापुर की रेफल्स मिलेनियम जैसी डिजाइनिंग कंपनियां भी यहां शिरकत कर रही हैं।डीजल प्लैनेट दूर कर रहा गलतफहमियांऑटो एक्सपो में डीजल से चलने वाली गाड़ियों और डीजल इंजन के बारे में लोगों में फैली भ्रांतियों को दूर करने के लिए खासतौर पर एक पवेलियन सजाया गया है। डीजल प्लैनेट नाम के इस पवेलियन में लोगों के मन में बैठी इन गलतफहमियों का निराकरण किया जा रहा है कि डीजल वाहन अधिक धुआं छोड़ते हैं, इनमें इ5धन की खपत ज्यादा होती है और डीजल इंजन अधिक आवाज करता है। पवेलियन में टाटा मोटर्स, कमिंस और बॉश जैसी कंपनियों की मौजूदगी देखी जा सकती है। बॉश के इंजीनियर लोगों को बता रहे हैं कि डीजल से चलने वाली गाड़ियों में ईधन की खपत 30 फीसदी कम होती है, जबकि कार्बनडाईआक्साइड का उत्सर्जन 25 प्रतिशत कम होता है। लोगों को बताया जा रहा है कि बैटरी से चलने वाले वाहन भविष्य का एक विकल्प हो सकते हैं पर डीजल इंजन का महत्व अपनी जगह बना रहेगा। कंपनियां अधिक दक्ष और कम आवाज व कंपन वाले डीजल इंजन के विकास में जुटी हुई हैं।‘ह्यूंदै सेफ्टी जोन’ में बच्चे ड्राइवरह्यूंदै मोटर ने अब बच्चों पर ध्यान केंद्रित किया है। 10वें ऑटो एक्सपो में ह्यूंदै सेफ्टी जोन में कंपनी बच्चों को खेल-खेल में ही सुरक्षित ड्राइविंग का ज्ञान देना चाहती है। यह कार्यक्रम खासकर स्कूली बच्चों में सड़क सुरक्षा की आदतों को विकसित करने को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। कंपनी के पवेलियन में बच्चों को चलाने के लिए बैटरी चालित कार उपलब्ध है। यहां बच्चों को वास्तविक जीवन में सड़क पर चलते वक्त आने वाली स्थितियों जैसे यातायात संकेत, लाइसेंस बूथ, पैदल चलने वालों के पुल, पैदल पार पथ, सुरंग से गुजरने का अनुभव कराया जाता है। इस अनुभव को यादगार बनाने के लिए कंपनी दिल्ली की एनजीओ इंस्टीट्यूट ऑफ रोड एंड ट्रैफिक सेफ्टी के साथ मिलकर बच्चों को एक विशेष लाइसेंस भी देती है।पुर्जो की कमी से महिंद्रा का उत्पादन प्रभावितकल-पुर्जो की आपूर्ति में कमी के कारण अक्टूबर से महिंद्रा एंड महिंद्रा के उत्पादन में करीब पांच फीसदी की हानि हुई है। कंपनी के अध्यक्ष (ऑटोमोटिव) पवन गोयंका ने 10वें ऑटो एक्स्पो के दौरान बताया कि आपूर्ति बाधा के कारण अक्टूबर से हमारी कंपनी का उत्पादन करीब पांच फीसदी प्रभावित हुआ है। विभिन्न किस्म के कल पुजो5 की आपूर्ति बाधित रही। उन्होंने कहा कि आपूर्ति में यह बाधा इसलिए है कि कल-पुर्जा निर्माताओं की उत्पादन क्षमता सीमित है। अनुमानों के विपरीत जिस तेजी से वाहनों की बिक्री बढ़ी, उसके हिसाब से कलपुर्जे नहीं मिल रहे हैं।बॉश तैयार कर रही एंटीलॉक ब्रेकिंग सिस्टमवाहनों के कल-पुर्जे बनाने वाली जर्मन कंपनी बॉश ने एंटीलॉक ब्रेकिंग सिस्टम (एबीएस) का निर्माण शुरू कर दिया है। कंपनी ने फॉक्सवैगन के साथ उसकी हाल ही लांच कार पोलो के लिए एबीएस की आपूर्ति करने के लिए गठबंधन किया है। बॉश ने कहा कि वह महाराष्ट्र के चाकन कारखाने की उत्पादन क्षमता 2013 तक बढ़ाकर आठ लाख इकाइयों की करेगी। अभी कारखाने की स्थापित क्षमता तीन लाख इकाइयों की है।