हमलों को ज़्यादा तूल न दे भारत: ऑस्ट्रेलिया

Posted in January 06, 2010
by arun singla

ऑस्ट्रेलिया ने कहा है कि मेलबर्न विदेशियों के लिए सुरक्षित है और भारत सरकार भारतीय छात्रों पर हुए हमलों को ज़्यादा तूल नहीं दे. मंगलवार को भारतीया विदेश मंत्रालय ने ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई कर रहे या वहां पढ़ने के लिए जा रहे छात्रो के लिए दिशानिर्देश जारी करते हुए कहा कि ऑस्ट्रेलिया की स्थानीय पुलिस के तमाम प्रयासों के बावजूद हिंसा की ये घटनाएँ बंद नहीं हो रही हैं और वहां सतर्क रहने की ज़रूरत पर बल दिया.जवाब में ऑस्ट्रेलिया के कार्यकारी विदेश मंत्री ने बयान जारी करके कहा है कि भारत इस मामले को ज़रूरत से ज़्यादा तूल दे रहा है.
उन्होंने कहा कि मेलबर्न विदेशियों के लिए सुरक्षित जगह है और जिस भारतीय छात्र की चाकू मारकर हत्या की गई उसमें इस बाद का कोई सबूत नहीं मिला है कि वो नस्लभेदी हमला था.
विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को जारी अपने दिशानिर्देश में लिखा था कि ऑस्ट्रेलिया में, और विशेष तौर पर मेलबोर्न में हाल के वर्षों में भारतीयों के साथ लूट-पाट और मार-धाड़ की कई घटनाएँ हुई हैं जिनमें अधिकतर हमलावर युवा थे. हिंसा की सबसे नई घटना दो जनवरी को मेलबोर्न में हुई जहाँ 21 वर्ष के एक भारतीय छात्र पर चाकू से जानलेवा हमला हुआ. नितिन गर्ग नामक इस छात्र की इस हमले में मौत हो गई. हमले के समय वह छात्र देर रात को एक रेलवे स्टेशन पर उतरने के बाद एक सार्वजनिक पार्क से गुज़र रहा था.
मंत्रालय का कहना है कि हालाँकि ऑस्ट्रेलिया में पढ़नेवाले और विशेष तौर पर विश्वविद्यालयों और नामी संस्थानों में पढ़नेवाले अधिकतर छात्रों का अनुभव अच्छा रहा है लेकिन हाल के समय में हिंसा और लूट-पाट घटनाओं में वृद्धि हुई है और ना केवल भारतीय छात्र बल्कि ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय भी इससे प्रभावित हुए हैं.
दिशानिर्देश
विदेश मंत्रालय ने इन्हीं चिंताओं को ध्यान में रखकर छात्रों के लिए एहतियात बरतने संबंधी कई दिशानिर्देश जारी किए हैं जो इस प्रकार हैं –
- रात में अकेले यात्रा न करें.
- अकेले यात्रा करने की स्थिति में अपने मार्ग की पहचान पहले से कर लें और जहाँ तक संभव हो रोशन इलाक़ों और आबादी वाले इलाक़ों में रहें.
- ये ध्यान रखें कि आप कहाँ जा रहे हैं और कितने बजे तक लौटेंगे इसकी जानकारी किसी और व्यक्ति को भी रहे.
- आवश्यकता से अधिक नगद पैसे लेकर सफ़र नहीं करें.
- आईपॉड और लैपटॉप जैसे महँगे उपकरणों का अधिक प्रदर्शन नहीं करें.
- अपने साथ किसी तरह का पहचानपत्र और किसी आपात स्थिति में संपर्क कर सके जानेवाले व्यक्ति का नंबर आदि साथ रखें.
- ख़तरे की स्थिति में 000 नंबर दबाकर पुलिस को मदद के लिए बुलाएँ.
- किसी तरह की शिकायत होने पर भारतीय उच्चायोग या वाणिज्यिक दूतावास में छात्रों के कल्याण के लिए नियुक्त अधिकारी से संपर्क करें

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डबवाली -चौटाला रोड़ पर काली माता मंदिर के पास एक ट्रक ने नरमे से भरी ट्राली को टक्कर मारने से ट्रेक्टर ट्राली पलट गये। इस हादसे में ट्रेक्टर चालक बाल-बाल बच गया। घटना के बाद ट्रक चालक ट्रक को लेकर फरार हो गया।ट्रेक्टर चालक रविंद्रदत्त ने बताया कि वह राजस्थान के सादुलशहर से नरमे की ट्राली भर कर उसे बेचने के लिए सिरसा ले कर जा रहा था कि डबवाली में चौटाला रोड़ पर काली माता मंदिर के पास पीछे से एक ट्रक ने अचानक उसे टक्कर मार दी।जिससे ट्रेक्टर व ट्राली दोनों असंतुलित हो कर पलट गई। इस हादसे में ट्रेक्टर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया और ट्रेक्टर चालक रविंद्रदत्त बाल-बाल बच गया। हादसे के बाद ट्रक चालक ट्रक सहित मौके से फरार हो गया। ट्रेक्टर चालक रविंद्रदत्त ने इसकी सूचना थाना शहर डबवाली को फोन पर दे दी।पुलिस ने ट्रक की खोजबीन की तो बठिंड़ा रोड़ पर एचपी पेट्रोल पंप के पास लावारिस हालत में खड़े दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को कब्जे में लिया। बाद में ट्रक चालक व ट्रेक्टर ट्राली चालक में समझौता हो जाने के कारण पुलिस ने इस संदर्भ में कोई कार्यवाही नहीं की।

डबवाली स्थानिय विघुत निगम के अधिकारियों ने बिजली चोरी करने वालो पर शिकजां कसते हुए आज थाना शहर में बिजली बोर्ड के एस.डी.ओ गुलशल वधवा द्वारा बिजली चोरी के कई मामले दर्ज करवाऐ है जिसमें नई अनाज मंडी क्षेत्र के निवासी राजकुमार, पुत्र जगन नाथ वार्ड न.7, इंदिरा नगर निवासी रमेश कुमार पुत्र जगदीश विश्रोई तथा सुरेन्द्र कुमार पुत्र जगदीश कुमार , माहन लाल पुत्र हरकू राम, नेम सिंह कालोनी निवासी तथा रविदास नगर निवासी रामस्वरूप पुत्र तिरलोक राम गुरूदेव सिंह पुत्र हरदेव सिंह नजदीक पुलिस नाका मलोट रोड़ व जगसीर सिंह पुत्र हरबंस सिंह गांव मसीतंा निवासी के खिलाफ बिजली चोरी के मामले दर्ज करवाऐ हैं।बिजली बोर्ड के एस.डी.ओ गुलशल वधवा ने बताया कि बिजली चोरी करने वालो को नहीं बख्शा जाऐगा। बिजली चोरी पकड़े जाने पर तुरन्त मामला दर्ज करवाया जाऐगा। उन्होने बताया कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
डबवाली-बस स्टैंड के पास नशे में धुत चालक ने अपनी कार एक इंडिका कार व जीप में ठोंक दी। जिससे इंडिका सामने स्थित करियाणा की दुकान के बाहर समान खरीद रही दो महिलाओं से जा टकराई और महिलाऐं गंभीर रूप से घायल हो गई। जिन्हें उपचार के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। राहीगरों और आस पास में मौजूद लोगों ने नशे में धुत कार चालक की धुनाई कर दी जिससे उसका सारा नशा काफूर हो गया।घायल महिलाओं की पहचान वीरपाल कौर पत्नी जगसीर सिंह निवासी हैबूआना व नसीब कौर पत्नी हंसराज निवासी हैबूआना के रूप में की गई है।अस्पताल में उपचाराधीन महिलाओं ने बताया कि वह मनीष करियाणा स्टोर से घरेलू सामान खरीद रही थी कि अचानक इंडिका कार दुकान के बोर्ड को रौंदती हुई उनसे आ टकराई। अचानक हुए इस हादसे से वह बदहवास हो गई और काफी समय के बाद उन्होंने अपने आप को संभाला और दुकानदार तथा अन्य लोगों के उपचार के लिए निकट के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया। घटना की जानकारी पुलिस को दे गई गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

डबवाली रेलवे स्टेशन पर चलती हुई रेलगाड़ी पर चडने से पैर फिसलने पर महिला गभींर रूप से घायल हो गई। जिसे उपचार हेतु डबवाली से राजकिय अस्पताल में भरर्ती कराया गया। जहं पर प्राथमिक उपचार के बाद सिरसा रेफ र कर दिया गया।प्राप्त जानकारी के अनुसार आज प्रात: ढांबा राजस्थान से डबवाली घरेलू समान खरीदने हेतु आ रही महिला छल्लो देवी पत्नी शेर ङ्क्षसह ढांबा निवासी उस वक्त गभीर रूप से घायल हो गई जब वह ढाबंा स्टेशन से रेलगाडी पर चढने लगी तो अचानक रेलगाडी चल पड़ी और महिला छल्लो देवी का पैर फिसल गया और उसकी दोनो टागें रेलगाडी की सिढियो में फस गई रेलगाडी में सवार यात्रियों के शोर मचाने पर स्टेशन मास्टर ने रेलगाडी को तुरन्त रूकवा दिया लेकिन तब तक महिला की दोनो टागें बूरी तरह से जख्मी हो चुकी थी घायल महिला को उसी रेलगाडी से डबवाली लाया गया और सुचना मिलते हुए जन सहारा सेवा सस्थां के प्रधान आर.के नीना अपने सदस्यों व एबुलेस सहित रेलवे स्टेशन पहुचं गऐ और घायल महिला को स्थानिय राजकिय अस्पताल में उपचार हेतु लेकर आए जहां पर डयुटी पर तैनात चिकत्सकों द्वारा प्रथमिक उपचार के बाद महिला की गंभीर हालत को देखते हुए सिरसा रैफर कर दिया।समाचार लिखे जाने तक घायल महिला को डबवाली जन सहारा सेवा सस्थां द्वारा सिरसा के राजकिय अस्पताल में पहुंचाया जा रहा था तथा सुचना मिलने पर महिला के परिजन अस्पताल पहुंच गऐ थे।

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उत्तर भारत कांपा : 30 मौतें

Posted in January 05, 2010
by arun singla

उत्तर प्रदेश में जाड़े का कहर जारी : कोहरे से यातायात प्रभावितलखनऊ /बिहार/मनाली । उत्तर भारत में शीत लहर का प्रकोप जारी है। श्रीनगर में बर्फबारी के बाद जहां तापमान शून्य से भी नीचे चला गया वहीं राजधानी दिल्ली समेत उत्तर प्रदेश व बिहार में शीतलहर जारी है। यूपी में ३० लोगों की मौत हो चुकी है। लखनऊ स्थित राहत आयुक्त कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि शनिवार देर रात से अब तक शीतलहर से राज्य में कम से कम ३० लोगों की मौत हो गई है। इनमें सबसे ज्यादा पांच-पांच मौतें पूर्वी उत्तर प्रदेश के बलिया और मिर्जापुर जिलों में हुईं। राज्य के कुछ हिस्सों में तापमान गिरकर तीन डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। शाहजहांपुर में सबसे कम २.८ डिग्री सेल्सियस तापमान रिकार्ड किया गया।बलरामपुर, श्रावस्ती और गोंडा जिलों में न्यूनतम तापमान गिरकर करीब तीन डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है, जबकि लखनऊ का न्यूनतम तापमान ८.६ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता ने सोमवार को लखनऊ में संवाददाताओं को बताया कि पर्वतीय क्षेत्रें में हो रही बर्फबारी के कारण वहां से आने वाली हवाएं यहां ठिठुरन बढ़ा रही हैं। गुप्ता ने कहा कि कड़ाके की सर्दी का यह दौर आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा। अगले २४ घंटों में राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है, जिससे तापमान में और ज्यादा गिरावट होगी। कोहरे के कारण रेल और हवाई यातायात प्रभावित हुआ है। नई दिल्ली और मुंबई से लखनऊ आने वाली और यहां से दिल्ली-मुंबई जाने वाली सभी उड़ानों में विलंब हो रहा है। यही हाल रेलगाडिय़ों का भी है। लखनऊ आने वाली और लखनऊ से होकर बिहार और पश्चिम बंगाल की तरफ जाने वाली सभी रेलगाडिय़ां चार से १२ घंटे विलंब से पहुंच रही हैं। उधर, सर्दी के मद्देनजर लखनऊ में कक्षा आठ तक के स्कूल सात जनवरी तक बंद कर दिए गए हैं। लखनऊ के जिला विद्यालय निरीक्षक गणेश कुमार ने आईएएनएस से कहा कि कड़ाके की सर्दी को देखते हुए यह फैसला किया गया है। बिहार में शीतलहर के कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। मौसम विभाग के मुताबिक सोमवार को रविवार की तुलना में पटना के न्यूनतम तापमान में वृद्घि अवश्य दर्ज की गई है, लेकिन शीतलहर के कारण ठंड का कहर जारी है। विभाग के अनुसार पटना में सोमवार को न्यूनतम तापमान ८.८ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो रविवार की तुलना में ०.८ डिग्री सेल्सियस अधिक है। सोमवार को गया सबसे ठंडा जिला रहा जहां का न्यूनतम तापमान ६. ६ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उधर, सर्दी के बढ़ते प्रभाव के कारण वैशाली, गोपालगंज, सीवान, किशनगंज मुजफ्फरपुर सहित कई जिलों के स्कूल अगले दो दिनों के लिए बंद कर दिए गए हैं। पटना मौसम विभाग के प्रभारी निदेशक एस आ़ई लश्कर ने सोमवार को बताया कि मौसम में अगले दो दिनों तक बदलाव की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने बताया कि पछुआ हवाओं के कारण बिहार के अधिकांश क्षेत्रों में शीतलहर का कहर जारी है। इधर, घने कोहरे के कारण रेल और सड़क मार्ग पर वाहनों का परिचालन प्रभावित हो रहा है। दानापुर रेल मंडल के सूचना जन संपर्क अधिकारी रंजीत सिंह ने बताया कि सोमवार सुबह कोहरे के कारण इस मार्ग पर १३ रेलगाडिय़ां विलंब से चल रही हैं। हिमाचल प्रदेश के मशहूर पर्यटन स्थल मनाली में भी सोमवार सुबह जमकर बर्फबारी हुई। मौसम विज्ञान विभाग के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। शिमला स्थित मौसम विज्ञान कार्यालय के निदेशक मनमोहन सिंह ने बताया, मनाली में सोमवार सुबह बर्फबारी हुई। बर्फ चार से पांच इंच तक जम गई है। सिंह ने कहा कि मनाली के निकट के कोठी, मारही, गुलाबा और रोहतांग दर्रे के निकट पिछले २४ घंटे के दौरान बर्फबारी हुई। उन्होंने बताया, इस मौसम में मनाली में यह दूसरी बर्फबारी है। इससे पहले नौ नवंबर को बर्फबारी हुई थी।ग्वालियर में सभी स्कूल 7 तक बंदकड़ाके की ठंड के चलते ग्वालियर में सभी निजी एवं सरकारी स्कूलों को 7 जनवरी तक बंद रखने के आदेश जिला प्रशासन ने दिये हैं। प्रशासन ने यह आदेश बच्चों को ठंड से होने वाली परेशानियों के चलते दिया है। गौरतलब है कि उत्तरी हवाओं से पड़ रही कड़ाके की ठंड ने ग्वालियर को भी कंपकपा दिया है।

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भारत में भी बुलेट ट्रेन..!

Posted in January 01, 2010
by arun singla

नई दिल्ली। क्या भारत में बुलेट ट्रेन चल सकती है? इस पर अध्ययन जारी है। रेल मंत्रालय के बुलेट ट्रेन के प्रस्ताव का भारत, फ्रांस और इटली की एक-एक कंपनी अध्ययन कर रही है। पुणो-मुंबई-अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन चलाने की संभावना पर फिलहाल अध्ययन किया जा रहा है। कंपनियों द्वारा अगले महीने इस संबंध में रिपोर्ट सौंपे जाने की संभावना है। इसी रिपोर्ट के आधार पर सरकार तय करेगी कि इस ट्रेन को चलाने की योजना को अमलीजामा पहनाया जाए या नहीं। रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद आगे की कार्रवाई पर फैसला किया जाएगा।उल्लेखनीय है कि बुलेट ट्रेन 350 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से दौड़ने में सक्षम होगी। इसके लिए एक समर्पित गलियारे की जरूरत होगी। अधिकारियों का अनुमान है कि ऐसी ट्रेन के लिए एक किलोमीटर ट्रैक के निर्माण पर करीब 100 से 150 करोड़ रुपए की लागत आएगी। इस योजना के अध्ययन पर करीब 15 करोड़ रु पए खर्च किए जा रहे हैं और यह खर्च समान रूप से रेलवे और महाराष्ट्र सरकार मिलकर उठा रही है।

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एमसीआई के प्रस्ताव पर विचार कर रही है सरकारगांवों में प्रैक्टिस के लिए अलग डिग्री पर भी विचारनई दिल्ली। केंद्र सरकार एमबीबीएस के बाद तीन साल ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा देने वाले डाक्टरों के लिए स्नातकोत्तर कक्षाओं में प्रवेश में 25 फीसदी सीटें आरक्षित करने पर विचार कर रही है। भारतीय चिकित्सा परिषद (एमसीआई) ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को यह प्रस्ताव भेजा है। ग्रामीण क्षेत्र में चिकित्सा सेवा बेहतर बनाने और डाक्टरों की कमी दूर करने के लिए सरकार कुछ अन्य प्रस्तावों पर भी विचार कर रही है।स्वास्थ्य केंद्र प्रभावित हो रहेएमसीआई के अध्यक्ष डा. केतन देसाई ने कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए भारी धनराशि खर्च कर रही है लेकिन डाक्टरों की कमी के कारण ज्यादातर प्राइमरी और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभावित हो रहे हैं। इससे निपटने के लिए एमसीआईर् ने कुछ और महत्वपूर्ण सुझाव भेजा है जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित मेडिकल कालेजों में साढ़े तीन साल में ही मेडिकल डिग्री देने का प्रस्ताव शामिल है। ग्रामीण मेडिसिन और सर्जरी में बैचलर डिग्री (बीआरएमएस) के लिए छात्रों का चयन बारहवीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी में प्राप्त अंकों के आधार पर किया जाएगा। शर्त यह भी होगी कि छात्र की स्कूली शिक्षा दस हजार से कम आबादी वाले गांवों में हुई हो।बोर्डों से पंजीकरण करना होगाबीआरएमएस ग्रेजुएट को राज्य मेडिकल बोर्डों से पंजीकरण करना होगा और उन्हें केवल उसी क्षेत्र में प्रैक्टिस की अनुमति दी जाएगी जिसमें उन्होंने शिक्षा ली है। एमसीआई ने इस संबंध में विचार-विमर्श के लिए आगामी 4 और 5 फरवरी को 300 मेडिकल कालेजों के प्रधानाचार्यों, सभी राज्यों के मेडिकल संस्थानों के निदेशकों और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के पदाधिकारियों की बैठक बुलाई है। दरअसल यह प्रस्ताव स्वास्थ्य मंत्रालय को वर्ष 2000 में ही भेजे गए थे लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में डाक्टरों की भारी कमी के मद्देनजर मंत्रालय ने अब इन पर विचार करने की सहमति दी है।

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