Tahawwur Rana, next week, when a high-level FBI team visits New Delhi with "all details" of their probe. National Security Adviser M K Narayanan said US President Barack Obama has told Prime Minister Manmohan Singh that he was informed of the case related to Headley and Rana, who were arrested by the FBI on the charges of plotting attacks in India at the behest of terror group Lashkar-e-Taiba. Obama told Singh during their meeting on Tuesday that he would be sending a high-level FBI team to India within a week with "all details",Narayanan told journalists accompanying the Prime Minister on return home from two-nation tour of US and Trinidad and Tobago. The team is expected to give exhaustive details about the plans of Headley and Rana and their network in India. "Let us see what information they share," Narayanan said. Headley, a Pakistani-born American, and Rana, a Canadian of Pakistani-origin, were arrested by the FBI in October on the charges of plotting attacks in India and Denmark. Indian officials suspect that Headley and Rana could have been involved in the 26/11 attacks but there is no evidence in this regard so far. The US has told India that it has zeroed-in on a Pakistani national who could have been a link between Headley and Rana and their Pakistan-based handlers. Indian investigators wanted to interrogate Headley and Rana and a team from New Delhi had gone to the US earlier this month. But the US did not give access citing legal compulsions. However, sources downplayed this saying India understands the compulsions and will "work around that". US National Security Adviser James Jones had said that US was unable to allow Indian investigators access to the arrested LeT operatives because certain aspects of the legal system here protect the rights of the accused. The sources also said Obama has promised to provide all details about Headley-Rana investigations to India. During his meeting with Obama, Manmohan Singh had expressed concern over "new hubs" of terrorism coming up in India's neighbourhood, the sources said. Singh also registered disappointment over the selective approach of Pakistan in fighting terrorism. They said Obama's unhappiness over this approach was reflected in the Indo-US joint statement, which twice referred to "safe havens" for terrorism in Pakistan and underlined the need for smashing these
"The impact cannot be much as our stake is so small and the amount involved compared to the world economy is miniscule," Pranab Mukherjee told reporters in Chandigarh, where he was delivering a lecture. "Watchful and effective intervention at the appropriate time can avert some immediate crisis," he said. Indian stocks and the rupee were rattled on Friday after Dubai's woes stoked fears over corporate exposure to a key trading partner and that foreign funds would lose their appetite for risk. The United Arab Emirates (UAE), of which Dubai is part, is the second-biggest export destination for India and accounts for 10-12 per cent of India's inward remittances.
Mukherjee said the emirate's problems could force a return of Indian citizens, who make up more than 40 per cent of the UAE's population.
Stimulus unsustainable Mukherjee said the stimulus measures that buoyed the economy in the wake of the financial crisis were unsustainable and the government would have a roadmap by December to consolidate its fiscal position over the next five years. The firefighting policies by Asia's third-largest economy have contributed to a bulging of the fiscal deficit to a projected 6.8 per cent of GDP for 2009/10. "This level of fiscal expansion can only be a short-term response and is unsustainable on a long-term basis," Mukherjee said in his speech. Prime Minister Manmohan Singh has said India would likely wind down its stimulus measures next year. The Reserve Bank of India has already started what it calls the first phase of the exit from its easy monetary policy, worried about inflationary pressures. India's economy was set to grow at 6-7 per cent in the financial year to March and the government was efforting a return to the 9 per cent growth rate seen before the crisis clipped the pace of expansion, Mukherjee said. The worst of the financial crisis seemed to be over and there would not be a lasting impact on India's development outlook over the medium to long term, he said. "The caveat is a sustained recovery of the developed countries from the current crisis," he said.
Mukherjee also said the RBI had intervened in the forex markets to stabilise the rupee after the crisis
चंडीगढ़ : राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन बूटा सिंह ने पंजाब सरकार को चेतावनी दी है कि वह राज्य में दलितों पर अत्याचार के मामलों पर रोक लगाए अन्यथा आयोग ऐसे मामलों में सरकार के खिलाफ कड़ी रिपोर्ट संसद को भेजेगा। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार राज्य में दलितों को कल्याण योजनाओं का पूरा लाभ नहीं दे रही। यहां पंजाब पुलिस के सीनियर अफसरों से राज्य में दलितों पर अत्याचार मामलों पर चर्चा के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि पंजाब के डीजीपी ने उन्हें ऐसे मामलों में दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दिया है और कार्रवाई के बारे में आयोग को अवगत कराने की बात भी कही है। बूटा सिंह ने कहा कि विभिन्न राज्यों से मिले ब्यौरे के बाद आयोग ने पाया है कि पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और उड़ीसा में सरकारों का काम दलितों के मामले में तसल्लीबख्श नहीं है। इन राज्यों में दलितों पर अत्याचार के ऐसे मामले भी सामने आए हैं जिनकी मिसाल आजादी से पहले कहीं नहीं मिलती। उन्होंने आज की बैठक का जिक्र करते हुए बताया कि भुलत्थ से कांग्रेसी विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने आयोग के पास तीन शिकायतें भेजी थीं। इन मामलों में डीजीपी पीएस गिल, एडीजीपी राजन गुप्ता और डीआईजी आरपीएस बराड़ आयोग के समक्ष पेश हुए थे। खैरा भी विशेष तौर पर पीडि़तों को लेकर उनसे मिलने आए थे। खैरा ने ढिलवां थाने के अंतर्गत गांव बिजली नंगल कश्मीर सिंह बाजीगर की बेटी के विवाह समारोह के दौरान अकाली समर्थकों द्वारा बारात से मारपीट करने की शिकायत रखी। पीडि़तों द्वारा थाने में शिकायत करने पर पुलिस ने मामला दर्ज करने से इंकार कर दिया। खैरा ने आयोग के समक्ष मंसूरवाला गांव के दलित सरपंच का मामला उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव के अनुसूचित जाति से संबंधित सरपंच जोगा सिंह को बेवजह बर्खास्त कर दिया गया है।
बर्लिन। भारत दुनिया के भ्रष्टतम देशों में शुमार है। सकार क्षेत्र में भ्रष्टाचार के मामले में 180 देशों की सूची में भारत का स्थानर 84वां है। दुनिया में भ्रष्टाचार पर नजर रखने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था ट्रांसपैरेंसी इंटरनेशनल की बुधवार को एक साथ विभिन्न देशों में जारी वार्षिक रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत के मुकाबले पाकिस्तान में भ्रष्टाचार ज्यादा है। 2.4 अंकों के सात वह 138वें स्थान पर है। भ्रष्टाचार के मामले में जो देश इस सूची में सबसे निचले पायदान पर हैं, वे सभी संघर्ष य हिंस से प्रभावित हैं। इनमें अफगानिस्तान, म्यांमार, इराक, सोमालिया और सूडान प्रमुख हैं। इस सूची में न्यूजीलैंड, डेनमार्क और सिंगापुर ईमानदार देशों में शुमार किए गए हैं। सर्विया, घाना, पेरू और बुर्किना फासो जैसे विकासशील देशों की स्थिति भारत से बेहतर है। उन्हें इस सूची में क्रमश: 83, 79 और 75वें स्थान पर रखा गया है। चीन की स्थिति भी भारत से थो़डी बेहतर है। उसे 3.6 अंक मिले हैं। भारत के अन्य प़डोसी देशों में नेपाल 143वें स्थान के साथ भारत से काफी नीचे है जबकि बांग्लादेश पाकिस्तान के साथ 139वें स्थान पर है। श्रीलंका 3.1 अंकों के साथ 97वें स्थान पर है। स्विस बैंकिंग कानून बदलने की सिफारिश संस्था ने पहली बार सिफारिश की है कि स्विट्जरलैंड जैसे देशों के बैंकिंग कानून में संशोधन किया जाना चाहिए, जहां काली कमाई को सुरक्षित रखा जाता है। संस्था ने कहा कि अब समय आ गया है जब बैंकिंग कानून में गोपनीयता का प्रावधान समाप्त होना चाहिए। ट्रांसपैरेंसी इंटरनेशनल इंडिया के प्रमुख आरएच तहलियानी ने कहा कि उनकी संस्था ने पाया कि गरीबी और भ्रष्टाचार में सीधा संबंध है, जिससे गरीबी से ल़डने में मुश्किल आ रही है तथा संयुक्त राष्ट्र सहस्त्राब्दी विकास लक्ष्य हासिल करने की कोशिश भी नाकाम
राष्ट्रीय जांच एजेंसी देशद्रोहियों को खोजने व आतंकी हमलों की साजिशें नाकाम करने में जुटी है, वहीं एसटीएफ और पुलिस ने मंगलवार को कोलकाता में 31 लाख, दिल्ली में 10, मुंबई में 2.5 लाख की नकली करेंसी बरामद की। 31 लाख की नगदी तो अकेले लश्कर-हुजी से जुड़े तीन बांग्लादेशी आंतकियों से बरामद हुई है जिन्हें धर्मतल्ला में दबोचा गया। ये तीनों श्रमजीवी एक्सप्रेस धमाके और हैदराबाद एसटीएफ कार्यालय पर दफ्तर पर हमले में शामिल रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि हजार और पांच सौ के नोटों की यह खेपें बांग्लादेश के रास्ते देश में पहुंची है। एसटीएफ प्रमुख राजीव कुमार ने बताया कि आतंकियों अब्दुल बाकी, मुहम्मद तहिदुर और अब्दुल रहमान को धर्मतल्ला में उस वक्त दबोचा गया, जब वह बस स्टैंड पर मालदा जाने वाली गाड़ी के बारे में पूछ रहे थे। उनके बैगों से 31 लाख की करेंसी, फर्जी डीएल, वोटर आईडी मिले हैं। एसटीएफ प्रमुख ने कहा, तीनों मुर्शिदाबाद जिले से ट्रेन द्वारा कोलकाता पहुंचे थे। अब्दुल बाकी हैदराबाद स्थित एसटीएफ दफ्तर पर हमले में शामिल था जबकि तहिदुर श्रमजीवी एक्सप्रेस विस्फोट कांड में शामिल रहा। तीनों पाकिस्तान शाहिद बिलाल ग्रुप से जुड़े हैं,जो लश्कर-ए- तैयबा और हरकत उल जिहाद अल इस्लामी (हुजी) को आतंकी उपलब्ध करवाता है। पूछताछ में पता चला है कि अब्दुल रहमान हीली सीमा से घुसपैठ कर गत अप्रैल माह में भारत आया था जबकि बाकी कब आए इसका पता जांच के बाद चलेगा। कुमार ने कहा,आतंकियों से गिरोह के अन्य सदस्यों तथा कोलकाता में मौजूद मददगारों के बारे में पूछताछ की जा रही है। वहीं, दिल्ली पुलिस के सहायक आयुक्त नीरज ठाकुर ने बताया, पुलिस ने सफदरगंज इनक्लेव के निकट कमल सिनेमा के पास से वसीम, मजीबुर रहमान, रोहित यादव और विपिन खारी नामक व्यक्ति को दस लाख की नकली करेंसी के साथ पकड़ा। इसी प्रकार महाराष्ट्र एटीएस ने सेंट्रल मुंबई के सिवोन-कोलीवाडा क्षेत्र से झारखंड के पांच लोगों को ढाई लाख के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया।
अपने देश में सड़क दुर्घटनाओं के लिए व्यक्तियों को सूली पर चढ़ाने की परंपरा है, जबकि विभागीय संस्थाएं अपनी जिम्मेदारी से साफ बच निकलती हैं। भारत में सालाना करीब एक लाख 40 हजार सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। इनमें 90 प्रतिशत मामलों में ड्राइवर को दोषी माना जाता है लापरवाही से गाड़ी चलाने का मुकदमा चलता है। सिर्फ आठ प्रतिशत मामलों में वाहन मालिकों को कसूरवार ठहराया जाता है। दो फीसदी दुर्घटनाओं में ही पीडब्लूडी, ट्रैफिक पुलिस या आरटीओ की जिम्मेदारी तय होती है। ऐसे मामले अपवाद ही हैं जहां गढ्डेदार सड़क, गलत मोड़, बेढब ढलान, बेवजह स्पीड बे्रकर, मिट्टी-रोड़ी-बजरी जैसे बेजा अवरोध, गलत या अनुपस्थित यातायात संकेतक अथवा त्रुटिपूर्ण यातायात व्यवस्था और इनसे जुड़े विभागों को दुर्घटना के लिए जिम्मेदार माना गया हो, जबकि पचास प्रतिशत दुर्घटनाओं में इन की प्रत्यक्ष या परोक्ष भूमिका होती है। यहां तक कि वाहन में निर्माणगत खराबी भी दुर्घटना का कारण हो सकती है, जिसके लिए वाहन निर्माता की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए लेकिन भारत में कानूनी प्रावधान होते हुए भी ज्यादातर विभाग दुर्घटना की जिम्मेदारी से साफ बच निकलते हैं। मोटर वाहन एक्ट, 1988 की धारा 135 में बाकायदा इस बात की व्यवस्था है कि प्रत्येक दुर्घटना की राज्य सरकार द्वारा विधिवत जांच एवं विश्लेषण होना चाहिए ताकि हादसे के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों तथा एजेंसियों की जिम्मेदार तय की जा सके। परंतु इस नियम की शायद ही कोई परवाह की जाती है। नतीजतन कई मर्तबा बेगुनाहों को सजा हो जाती है, जबकि असली गुनहगार छूट जाते हैं और दुर्घटनाओं को बढ़ाते रहते हैं। किसका है कसूर : सड़क हादसों के लिए दूसरे कारक किस तरह जिम्मेदार हो सकते हैं, इसे समझने के लिए मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे पर 1995 के दौरान हुए हादसों की जांच पर निगाह डालना उचित रहेगा। उस समय यह एक्सप्रेस-वे नया-नया बना था और इस पर एक के बाद एक दुर्घटनाएं हो रही थीं। जब गहन जांच हुई तो पाया गया कि दुर्घटनाएं टायरों की वजह से हो रही थीं जिन्हें एक्सप्रेस-वे जैसी परिस्थितियां झेलने के लिए नहीं बनाया गया था। इसके बाद वहां ट्रकों के लिए रफ्तार सीमा तय कर दी गई, जिससे दुर्घटनाएं थम गई। दूसरा उदाहरण दिल्ली-गुड़गांव और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे का है। अब तक जिम्मेदार एजेंसियों ने इनके कारणों की समुचित जांच नहीं की है। इन दोनों एक्सप्रेस-वे के डिजाइन में गंभीर खामियां हैं जिससे गलत जगहों पर निकासी और प्रवेश के रास्ते दे दिए गए हैं। इसके अलावा दूसरी गड़बड़ी गलत-अस्पष्ट-छोटे एवं भ्रामक यातायात संकेतक तथा प्रकाश की अपर्याप्त व्यवस्था की है।
किड्स किंगड्म ने उतारे तारे जमीं पे
डबवाली किड्स किंगड्म कॉन्वेंट स्कूल एवं होली नर्सिंग स्कूल सिंघेवाला में शनिवार को तारे जमीं पे कार्यक्रम के तहत इंटर स्कूल फैन्सी ड्रेस प्रतियोगिता आयोजित करके बाल दिवस मनाया।यह जानकारी देते हुए स्कूल संचालन समिति लर्निंग ट्री ऐजुकेशनल सोसायटी के प्रशासक सोहन लाल गुम्बर ने बताया कि फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता के सीनियर वर्ग में वंश अरोड़ा गोपाल शिशु वाटिका ने प्रथम स्थान पाकर 2100 रूपये, बेबी गुनगुन कुक्कड़ धमीजा शिशु वाटिका ने द्वितीय स्थान पाकर 1100 रूपये, अनन्या मिढ़ा गोपाल शिशु वाटिका ने तृतीय स्थान पाकर 500 रूपये का नकद पुरस्कार और ट्रॉफी जीती। इसी वर्ग में बेबी केयर प्ले वे स्कूल के ओरम तथा गोपाल शिशु वाटिका के रूपम को सांत्वना पुस्कार मिला।फैन्सी डे्रस प्रतियोगिता के जूनियर वर्ग में बाल वाटिका स्कूल किलियांवाली के अनिरूद्ध गर्ग ने प्रथम, गोपाल शिशु वाटिका के उदित वधावन ने द्वितीय, श्वेता ने तृतीय स्थान पाया। जबकि सांत्वना पुरस्कार बाल वाटिका स्कूल के आर्तिक को मिला। इस प्रतियोगिता के सीनियर और जूनियर वर्ग में डबवाली तथा किलियांवाली के 15 विद्यालयों के लगभग 100 विद्यार्थियों ने भाग लिया।इस मौके पर मुख्य अतिथि शिरोमणि अकालीदल नेता सुखपाल सिंह किलियांवाली ने भ्रूण हत्या रोकने के लिए महिलाओं को जागरूक होने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में वृक्षारोपण करके पर्यावरण को सुधारा जा सकता है। उन्होंने पंजाब के स्वास्थ्य विभाग पर भू्रण हत्या रोकने के लिए किये जाने वाले प्रयासों को सिर्फ कागजी कार्यवाही बताया। उन्होंने यह भी कहा कि हमारे समाज का कितना बड़ा दुर्भाग्य है कि महिलाएं डेरों में जाकर तो सेवा करती हैं लेकिन घर पर सास की सेवा नहीं करतीं। इस अवसर पर कार्यक्रम के अध्यक्ष एक्सीयन पब्लिक हैल्थ केके वर्मा ने कहा कि किंड्स किंगड्म स्कूल की प्रबंधक समिति ने गुणवत्तायुक्त शिक्षा देने का जो फैसला लिया है वह सराहनीय है और उन्हें उम्मीद है कि इस स्कूल का पढ़ा हुआ बच्चा सीबीएसई का टॉप का विद्यार्थी साबित होगा। इस मौके पर उद्योगपति प्रदीप गर्ग, गुरू नानक कॉलेज की प्रिंसीपल डॉ. इन्दिरा अरोड़ा, पेट्रो डीलर संदीप चौधरी की पत्नी सुनीता चौधरी, डॉ. मुकेश गोयल, डॉ. रीतू गोयल, डॉ. रमेश कुमार, रेखा रानी, देव कुमार शर्मा, पूर्व सरपंच जसकरण सिंह भाटी, सतपाल सत्ता, स्कूल प्रबंधक समिति के सचिव अमी लाल, प्रधान अरूणा वर्मा, सोहन लाल गुम्बर, पब्लिक हैल्थ डबवाली के जेई सतपाल, इंजीनियर गिरधारी लाल अग्रवाल, सुधा कामरा, मुकेश कामरा, ओपी सचदेवा, प्रमोद झांब उपस्थित थे।
महन्त को बांधकर लुटेरों ने लाखों रूपये का सोना और नकदी लूटी
डबवाली जिला सिरसा के थाना रोड़ी क्षेत्र के एक डेरा में अज्ञात लुटेरों ने डेरे के महन्त और सेवक को एक कमरे में बांध कर हजारों रूपये की नकदी और लाखों रूपये का सोना लूट लिया।प्राप्त जानकारी अनुसार गांव लहंगेवाला में स्थित डेरा भगवान दास टहलांवाला में शुक्रवार की रात को करीब 11-12 बजे 4-5 अज्ञात व्यक्ति आये। जिनके पास चोटें मारने वाले हथियार थे। इन लुटेरों ने डेरा में प्रवेश करते ही डेरा के महन्त रविदास और सेवक रामदास के चोटें मारीं और उन्हें काबू करके डेरा के एक कमरे में बन्द कर दिया और उनके हाथ-पैर बांध दिये। शनिवार सुबह गांव का सुनील मान नामक युवक डेरा में आया तो उसने देखा कि डेरा का सामान बिखरा हुआ है और एक कमरे के भीतर महन्त और सेवक बंधे हुए हैं। उसने पहले उनको बंधनमुक्त किया और इसकी जानकारी थाना रोड़ी पुलिस को दी। मौका पर एएसपी सज्जन सिंह, थाना रोड़ी प्रभारी, डॉग स्कवैड और फिं गर प्रिंट एक्सपर्ट भी पहुंचे।महन्त रविदास ने पुलिस को बताया कि लुटेरे डेरा से छह लाख रूपये की कीमत का 36 तोले सोना, 20 हजार रूपये की नकदी, एक बन्दूक और कुछ जीवित कारतूस लूट ले गये। पुलिस ने अज्ञात लुटेरों के खिलाफ केस दर्ज करके मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है। पता चला है कि पुलिस ने कुछ संदिग्ध स्थानों पर छापामारी भी की है।
मैंने ईश्वर को देखा है। वह भारत की तरफ से चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करता है। क्रिकेट के शहंशाह सचिन तेंदुलकर पर यह टिप्पणी किसी आम आदमी ने नहीं बल्कि आस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज सलामी बल्लेबाज मैथ्यू हेडेन ने की थी। तब से मास्टर बल्लेबाज को क्रिकेट का भगवान की उपाधि दे दी गई। इसके बाद भी कई पूर्व व वर्तमान खिलाडि़यों ने सचिन को भगवान के समकक्ष बताया। मगर खुद सचिन इस बात से विनम्रता से इनकार करते हुए कहते हैं कि मैं भगवान नहीं हूं। मुझे बस लोगों का अपार प्यार मिलता है और मुझे भारत की ओर से खेलना बेहद पसंद है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रविवार को 20 साल पूरे करने वाले तेंदुलकर ने कहा कि मुझे बहुत खुशी होती है कि इतने अधिक लोग मेरे करियर का अनुसरण करते हैं। मैं भी इंसान हूं, लेकिन मेरे पीछे एक बड़ी शक्ति, बड़ी टीम है। मेरे साथी खिलाड़ी, परिवार, बच्चे, दोस्त और प्रशंसक हैं। मैं जब बल्लेबाजी के लिए क्रीज पर जाता हूं तो मैं उनकी तरफ से खेलता हूं। तेंदुलकर ने अपने करियर में बल्लेबाजी के कई रिकार्ड तोड़े, लेकिन इस दौरान दो बार उन्हें लगा कि उनका करियर समाप्त हो गया है। ठीक 20 साल पहले 15 नवंबर 1989 को कराची में खेले गए अपने पहले टेस्ट मैच के बारे में इस स्टार बल्लेबाज ने कहा कि पहली बार पाकिस्तान के खिलाफ पहले टेस्ट के बाद मुझे ऐसा लगा। मैंने केवल 15 रन बनाए और मैंने सोचा कि क्या मुझे अगले मैच में खेलने का मौका मिलेगा, लेकिन मुझे यह मौका मिला। जब मैंने दूसरे मैच में 58 या 59 रन बनाए तो मुझे बड़ी राहत मिली। दूसरी बार तब जब मैं टेनिस एल्बो चोट से पीडि़त था। यह बहुत मुश्किल समय था। मैं रात को सो नहीं पाता था और मुझे लगा कि मेरा करियर समाप्त हो गया है। तेंदुलकर ने पिछले साल चेन्नई में इंग्लैंड के खिलाफ 140 रन की मैच विजेता पारी को आस्ट्रेलियाई तेज आक्रमण के खिलाफ पर्थ में 1991 में खेली गई 119 रन की पारी से ऊपर रखा क्योंकि यह शतक उन्होंने मुंबई आतंकी हमले के बाद लगाया था। उन्होंने कहा कि मैं कह सकता हूं कि पर्थ की पारी मेरी चोटी की पारियों में शामिल है। लेकिन पिछले साल चेन्नई में मैंने जो पारी खेली वह सभी से ऊपर है क्योंकि इस मैच से कुछ दिन पहले मुंबई में भयावह घटना घटी थी। इसकी भरपाई नहीं की जा सकती, लेकिन इस जीत से हम कुछ पलों के लिए उनका ध्यान बांटने में सफल रहे। तेंदुलकर से जब पूछा गया कि क्या उनका पुत्र अर्जुन भी उनके नक्शेकदम पर चलकर क्रिकेट खेलेगा, उन्होंने कहा कि वह अभी दस साल का है और मैं उस पर क्रिकेट खेलने का दबाव नहीं डालूंगा। यदि उसे क्रिकेट खेलनी है तो पहले उसे इस खेल को अपने दिल में बसाना होगा तेंदुलकर और फिर इसके बारे में सोचना होगा। यह बात सिर्फ अर्जुन ही नहीं बल्कि सभी युवाओं पर लागू होती है। कप्तानी के बारे में उन्होंने कहा कि मुझे कभी नहीं लगा कि यह बोझ है। निश्चित तौर पर देश की कप्तानी करना सम्मान है। यह अलग तरह का अनुभव है। हमने आस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट मैच जीता। टाइटन कप जीता और टोरंटो में पाकिस्तान को हराया, लेकिन वेस्टइंडीज के खिलाफ बारबडोस में 120 रन का लक्ष्य हासिल नहीं कर पाए। मैंने इस दौर का भी लुत्फ उठाया और इससे काफी कुछ सीखा।
हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और पूर्व उप प्रधानमंत्री ताऊ देवीलाल भले ही धुर राजनीतिक विरोधी रहे हों लेकिन लगता है कि हुड्डा भी कभी न कभी ताऊ के जनसंपर्क स्टाइल के कायल रहे हैं। तभी तो आज हुड्डा का कारवां मदीना जाते हुए रोहतक के गांव बहुअकबरपुर में सड़क किनारे टेंट लगा देख अचानक ठहर गया। हुड्डा न केवल अपने वाहन से उतरे बल्कि टेंट लगे घर में भी गए। वहां जाकर हुड्डा को पता चला कि इस घर की महिला हुकमो देवी का देहावसान हो गया है। हुड्डा ने शोकाकुल परिवार के दुख में शरीक होते हुए हुकमो देवी को श्रद्धांजलि दी तथा पूरे परिवार को ढांढस बंधाया। पूर्व उपप्रधानमंत्री ताऊ देवीलाल भी अपने कार्यकाल में कुछ ऐसा ही करते थे। उनका काफिला अचानक कहीं भी रुक जाता था और ताऊ लोगों के बीच बैठकर उनके सुख-दुख में शरीक होते। मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा ने भी आज कुछ ऐसा ही किया। मुख्यमंत्री को अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार गांव मदीना में आनंद सिंह दांगी के निवास पर जाना था। वहां आनंद सिंह दांगी की भाभी रुकमणी देवी का निधन हो गया है। जब हुड्डा का काफिला रोहतक से मदीना के लिए रवाना हुआ तो गांव बहुअकबरपुर में बाई ओर सड़क के किनारे लगे टेंट को देखकर हुड्डा ने अपनी गाड़ी रुकवाई और वे तुरंत उस घर में पहुंच गए। जहां शोक सभा हो रही थी। मुख्यमंत्री की अचानक उपस्थिति को देखकर ग्रामीण आश्चर्यचकित रह गए। आज भूपी ने लोगों के बीच अचानक पहुंचकर न केवल ताऊ की यादें ताजा कर दी हैं बल्कि अपने सामाजिक होने का अहसास भी कराया है। मुख्यमंत्री ने मदीना पहुंचकर महम के विधायक आनंद सिंह दांगी की भाभी के निधन पर भी दुख व्यक्त किया।
23 दिसंबर, 1995 को हुए डबवाली अग्निकांड में पांचवीं क्लास का एक छात्र साहिल सेठी का शरीर पचास प्रतिशत से ज्यादा जल गया था। उसके साथ में उसकी बहन भी इस हादसे का शिकार बन गई थी। साहिल ने फिर भी हार न मानते हुए अपनी अपंगता व आर्थिक परेशानी को बाधा न बनने देते हुए अपने पक्के इरादे के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखी। मेहनत के बल पर पहले बीटेक पास की और बाद में एमबीए की पढ़ाई के लिए कैट की परीक्षा पास की। डबवाली अग्निकांड पीडि़त एसोसिएशन के प्रवक्ता व साहिल के दादा ने बताया कि साहिल को एक साथ छह आईआईएम से दाखिले की काल आई, लेकिन साहिल ने आईआईएम अहमदाबाद को चुना। उसके अनुसार वह जिले में पहला लड़का है, जिसका दाखिला आईआईएम में हुआ है। किसकी क्या हिस्सेदारी तय की गर्ग कमीशन ने : हाईकोर्ट के आदेश पर बनें जस्टिस टीपी गर्ग कमीशन ने अपनी रिपोर्ट में मुआवजा की राशि का अस्सी प्रतिशत हिस्सा डीएवी ग्रुप, दस प्रतिशत डीसी सिरसा व पांच-पांच प्रतिशत एमसी व बिजली बोर्ड से लेने की सिफारिश की थी। कमीशन ने इस कांड से प्रभावित लोगों को उनकी उम्र व उनके आय के हिसाब से मुआवजा देने की सिफारिश भी की थी। एक-एक लाख का मुआवजा दे चुकी है हरियाणा सरकार : हरियाणा सरकार ने उस समय प्रत्येक मृतक के परिवार को एक-एक लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल होने वाले लोगों को 50-50 हजार रुपये अनुदान के रूप में दिए थे। अदालत के आदेशों पर घायलों के उपचार पर होने वाला खर्च भी सरकार ने उठाया गया था।
( Arun Singla)- मंगलवार रात डेरा सच्चा सौदा सिरसा से पंजाब के फरीदकोट की ओर जा रहा डेरा प्रेमियों से भरा कैंटर गांव चोरमार के पास टै्रक्टर-ट्राली से जा टकरा गया। इससे दो महिलाओं
व दो बच्चों सहित सात लोगों की मौत हो गई। इनके अलावा करीब 40 श्रद्धालु घायल हो गए। इनमें अधिकतर बच्चे व महिलाएं हैं। घायलों में से आठ की हालत गंभीर है। घायलों को सिरसा व ओढ़ां के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कैंटर व ट्रैक्टर के परखचे उड़ गए। मंगलवार रात को लगभग 50 डेरा प्रेमी वार्षिक समारोह में भाग लेकर कैंटर से पंजाब के फरीदकोट की ओर जा रहे थे। डबवाली के नजदीक चोरमार के पास कैंटर टैक्टर-ट्राली से टकरा गया। टक्कर होने से कैंटर पलट गया और अधिकतर श्रद्धालु नीचे दब गए। एक महिला की मौत मौके पर ही हो गई व छह लोगों ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। आठ लोगों की हालत गंभीर बताई जाती है। घायलों में ज्यादातर बच्चे व महिलाएं हैं। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों व पुलिस ने बचाव दल ने घायलों को निकाला व ओढ़ा व डबवाली के अस्पतालों में पहुंचाया। गंभीर रूप से घायल आठ श्रद्धालुओं को सिरसा के सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एसडीएम सुभाष गाबा, डीएसपी बलबीर सिंह व एसएचओ विजेंद्र सिंह ने मौके पर पहुंच कर स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया। 23 घायलों को ओढां व कुछ को सिरसा के स्थानीय अस्पताल में भर्ती किया गया है। हर ओर थी चीख पुकार हादसे के बाद हर ओर चीख पुकार मची थी। एक ओर घायल पीड़ा से कराह रहे थे और दूसरी ओर अपनों को खोने वाले संताप कर रहे थे। बचाव कर्मी व ग्रामीण घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने में जुटे थे। ओढां के अस्पताल में एक के बाद एक घायल पहुंचने लगे तो वहां भी हड़कंप मच गया। आनन-फानन में घायलों को भर्ती किया और तुरंत उन्हें चिकित्सा सहायता दी गई। हर कोई अपने अपनों को ढूंढ रहा था। बाद में गंभीर रूप से घायलों को लेकर बस सिरसा पहुंची और जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी। सिरसा में दस घायलों को भर्ती कराया गया है। इनमें चार महिलाएं और दो बच्चे हैं।
खराब फैसले ने सचिन को 17 हजारी बनने से रोका
नई दिल्ली ।। सोमवार को सभी क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें सचिन तेंडुलकर पर लगी हुई थीं। मास्टर ब्लास्टर को वन डे में 17000 रन पूरे करने के लिए सिर्फ 47 रन की जरूरत थी। जब भारत मोहाली में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चौथे वन डे में 251 रन के लक्ष्य का पीछा करने मैदान में उतरा तो सभी को उम्मीद थी कि सचिन इस मैच में ही 17000 रन पूरे कर लेंगे। सचिन भी जमकर बैटिंग करते हुए आगे बढ़ते रहे और इसी के साथ स्टेडियम में बैठे हजारों और टेलिविजन से चिपके करोड़ों फैन्स की उम्मीदें भी बढ़ती गईं। सचिन 40 रन तक पहुंच गए और लोग सांसें रोक कर उनके 47 रन तक पहुंचने का इंतजार करने लगे, लेकिन तभी श्रीलंकाई अंपायर अशोक डिसिल्वा के गलत फैसले ने सचिन के साथ साथ सभी की निराश कर दिया। डिसिल्वा ने सचिन को ऑफ स्पिनर नाथन हॉरिट्ज की बॉल पर एलबीडब्ल्यू आउट दे दिया, जबकि रीप्ले में साफ था कि वह बॉल लेग स्टंप के बाहर जा रही थी। बॉल मिडिल स्टंप पर पड़ कर लेग की तरफ टर्न हुई थी। पता नहीं डिसिल्वा को यह सब क्यों नहीं दिखा। अब क्रिकेट प्रेमियों को सचिन के 17000 रन के लिए हैदराबाद में होने वाले पांचवें वन डे तक इंतजार करना होगा। 1989 में पाकिस्तान में इंटरनैशनल क्रिकेट में कदम रखने वाले सचिन ने अब तक वन डे में 16993 रन बनाए हैं। इनमें 44 सेंचुरी और 91 हाफ सेंचुरी शामिल हैं। उन्होंने 159 टेस्ट मैचों में 42 सेंचुरी और 53 हाफ सेंचुरी समेत 12773 रन बनाए हैं।
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