डबवाली (ARUN)- स्थानीय वार्ड नम्बर 13 मीना बाजार से अज्ञात व्यक्ति द्वारा वृद्ध महिला के हाथों से दिन-दिहाड़े सोने की चूडिय़ां उतार कर फरार होने का मामला प्रकाश में आया है। प्राप्त जानकारी अनुसार मीना बाजार की वैद्य आसा नन्द वाली गली निवासी अमर ङ्क्षसह पटवारी पत्नी वृद्ध महिला महिन्द्र कौर के हाथों से उस समय जबरदस्ती सोने की चूडिय़ां उतारकर फरार हो गया। जब वह घर पर अकेली थी। वृद्ध महिला महिन्द्र कौर ने जानकारी देते हुए बताया कि उसका बेटा तथा बहू डॉ. गुलाटी के नॄसग होम में दवाई लेने गए हुए थे तथा उस समय वह साग काट रही थी कि तभी एक अज्ञात व्यक्ति उनके घर में दाखिल हुआ तथा कहना लगा की आपकी बहू सुनार की दुकान पर बैठी है तथा उसने सोने की चूडिय़ां बनवानी हैं। डिजाईन के लिए आपकी चूडिय़ां मंगवाई हैं। मेरे इन्कार करने पर उसने जबरदस्ती मेरे हाथों से चूडिय़ां उतार ली तथा फरार हो गया। उन्होंने शोर भी मचाया। जब तक मौहल्लावासी एकत्रित होते तब तक अज्ञात व्यक्ति फरार हो चुका था। इस मामले की सूचना थाना शहर डबवाली को दे दी गई है तथा पुलिस अज्ञात व्यक्ति की तालाश कर रही
डबवाली अग्निकांड के 14वें स्मृति दिवस पर अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों के नेताओं एवं हजारों लोगों ने डबवाली अग्निकांड स्मारक स्थल पर पहुंचकर 23 दिसम्बर 1995 को दोपहर 1 बजकर 47 मिनट पर शहीद हुए 442 बच्चों, महिला और पुरूषों को अपनी नम आंखों से श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर मंच का संचालन कर रहे अग्निकांड पीडि़त रमेश सचदेवा ने राजनीतिक नेताओं को झिंझोड़ते हुए कहा कि अगर दिल्ली में ब्लू लाईन बस के तले आकर कुत्ता मर जाये तो हाय-तौबा मच जाती है। लेकिन डबवाली में विश्व का सबसे बड़ा अग्निकांड हुआ और इसमें सैंकड़ों बच्चे, महिला और पुरूष तिल-तिल करके मर गये तथा सैंकड़ों ही बच्चे घायल होकर आज अपनी रोजी-रोटी का जुगाड़ जुटाने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। लेकिन इस कांड को किसी भी नेता ने वह आवाज नहीं दी, जो आवाज दी जानी चाहिए थी। उन्होंने इस मौके पर उन बच्चों को भी राजनेताओं के आगे प्रस्तुत किया, जिनको सामाजिक धारा में लौटने में पूरी जिन्दगी लग सकती है। इस मौके पर उन्होंने अग्निकांड स्मारक स्थल पर स्थापित लाईब्रेरी के लिए लाईब्रेरियन तथा पुस्तकों की मांग की। इसके अतिरिक्त डबवाली के सरकारी अस्पताल में तत्कालीन सरकार द्वारा घोषित बर्न यूनिट स्थापित करने और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा घोषित मुआवजा राशि को तुरन्त पीडि़तों को दिये जाने तथा सरकार आगे इस मामले को लेकर अपील न करे, की मांग की। 23 दिसम्बर को सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस के रूप में घोषित करके इस प्रकार के उपाय करे कि भविष्य में ऐसी त्रासदी कभी घटित न हो।इस मौके पर डबवाली अग्निकांड के शहीदों को अपने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए हल्का डबवाली के विधायक अजय सिंह चौटाला ने कहा कि दलगत भावनाओं से ऊपर उठकर सरकार को विवश किया जाएगा कि वह उस समय घोषित वायदे को पूरा करे और मानवता के नाते जो भी राशि उच्च न्यायालय द्वारा घोषित की गई है, उसे तुरन्त पीडि़तों को अदा करे। इस मौके पर उन्होंने अग्निकांड पीडि़तों की आवाज को बुलन्द करने का भी आश्वासन दिया और साथ में कहा कि सरकार पीडि़तों के लिए कब क्या करती है, ये तो बाद की बात है। लेकिन वह अभी 5 अग्निकांड पीडि़तों को चौ. देवीलाल विद्यापीठ, सिरसा में नौकरी देने की घोषणा करते हैं। इस मौके पर मुख्यमंत्री भूपिन्द्र सिंह हुड्डा के पूर्व ओएसडी डॉ. केवी सिंह ने कहा कि फायर विक्टम एसोसिएशन ने लम्बा संघर्ष करके और तकलीफें सह कर इस लड़ाई को जीता है। उनके परिवार के भी चार सदस्य इस कांड में शहीद हुए हैं। उनके अनुसार जिसका इस कांड में कोई आया है, वो इसकी पीड़ा समझ सकता है। वे पहले भी एसोसिएशन के संघर्ष में शामिल थे और अब भी जो कुछ उनसे हो पाएगा, वे करेंगे।सांसद अशोक तंवर ने इस बात को स्वीकार किया कि अग्निकांड पीडि़तों को इलाज के दौरान या अब तक जो मुश्किलें आ रही हैं, वे व्यवस्था की कमी के कारण ही आ रही हैं। वे इस व्यवस्था की कमी को दूर करने का जितना प्रयास कर सकते हैं, उतना प्रयास करेंगे और जो मांगे पीडि़तों ने रखी हैं, उन पर अभी से काम शुरू हो जाएगा तथा कल वे मुख्यमंत्री से भी इस सम्बन्ध में बातचीत करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कहीं भी कमी रही है अब भी इन्सानियत के नाते पीडि़तों के समक्ष जो भी समस्या आ रही है, उसका समाधान किया जाना चाहिए।इस अवसर पर पूर्व विधायक डॉ. सीता राम, उपमण्डलाधीश सुभाष चन्द्र गाबा, तहसीलदार राजेन्द्र कुमार, जिला कांग्रेस अध्यक्ष होशियारी लाल शर्मा, संदीप चौधरी, नगरपालिका अध्यक्षा सिम्पा जैन, विनोद बांसल, बसपा नेता लीलू राम आसाखेड़ा आदि उपस्थित थे।
डबवाली(Arun singla)- स्थानीय मानव कल्याण सेवा संस्था के तत्वाधान में आज प्रात: 9 बजे हर वर्ष की भान्ति इस वर्ष भी अमावस्य के अवसर पर श्री गौशाला प्रांगण में जरूरतमन्द परिवारों को राशन, सर्दी से बचाव के लिए कम्बल व जॢसयां वितरित की गई। इस अवसर पर कच्चा आढ़तिया एसोसिऐशन के अध्यक्ष प्रकाश चन्द गंगा, गौभक्त रामलाल बागड़ी, सतीश अग्रवाल व राजन सुन्धा उपस्थित थे। यह जानकारी देते हुए संस्था के प्रवक्ता ने बताया कि मानव कल्याण सेवा संस्था द्वारा आज 66 जरूरतमन्द परिवारों को राशन, कम्बल व जॢसयां संस्था के पदाधिकारियों की उपस्थिति में भेंट की गई। उन्होंने बताया कि यह पुनीत कार्य नगर की मानव कल्याण सेवा संस्था द्वारा विगत 25 वर्षों से प्रत्येक वर्ष निरन्तर किया जा रहा है तथा आगामी माह नववर्ष में लोहड़ी व मकर संक्रान्ति के पर्व पर रेवड़ी गज्जक व मूंगफली भी वितरित की जाऐंगी।
डबवाली,(Arun Singla)-हुड्डा सरकार रोजगार देने के नाम पर पिछले पांच वर्षों से बेरोजगारों का राजनैतिक, आर्थिक व सामाजिक रूप से शोषण कर रही है। लाखों युवक पिछले पांच वर्षों से विभिन्न नौकरियों के लिए साक्षात्कार देने के बाद रिजल्ट का इंतजार कर कर रहे हैं और सरकार लगातार टरकाऊ रवैया अख्त्यिार कर बेरोजगारों का मजाक उड़ रही है। यह बात इनेलो के प्रधान महासचिव व डबवाली के विधायक अजय सिंह चौटाला ने कही। वे आज डबवाली हलके में धन्यवादी दौरे के दौरान गांव मसीतां में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। अजय सिंह चौटाला का गांवों में पहुंचने पर ढोल नगाड़ों से भव्य स्वागत किया गया। गांव मसीतां में जैलासिंह व दर्शन सिंह ने कांगे्रेस छोड़कर इनेलो ज्वाइन की।जनसभा को संबोधित करते हुए अजय चौटाला ने कहा कि हुड्डा सरकार ने वर्ष 2005 में सत्ता संभालते हुी शिक्षकों के हजारों पदों के लिए पंजाब विश्वविद्यालय के माध्यम से आवेदन मांगे थे यह प्रक्रिया पूरी किए बिना ही परन्तु ठीक एक वर्ष बाद हरियाणा स्टाफ स्लेक् शन कमीशन के माध्यम से दोबारा आवेदन मांगे। इसके अलावा पिछले कार्यकाल में कमीशन ने रोडवेज में चालकों, परिचालकों, एएलएम, ग्राम सचिव के लिए भी आवेदन मांगे। इन पदों के लिए साक्षात्कार भी लिए गए। विधायक अजय सिंह ने कहा कि हुड्डा सरकार ने पिछले कार्यकाल में उपचुनावों, लोकसभा चुनाव व विधानसभा चुनावों में आदर्श चुनाव संहिता के नाम पर इनके परिणामों को लटकाए रखा। इतना ही नहीं सरकार ने बेरोजगारों के वोट बटोरने के लिए विधानसभा चुनावों से पूर्व दस हजार के करीब शिक्षकों व चालक-परिचालकों के लिए आवेदन पत्र मांगे। अब भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने विधायकों की खरीद-फरोख्त करके दूसरा कार्यकाल भी संभाल लिया परन्तु पीटीआई,डीपीई, एसएस मास्टर सहित अन्य शिक्षकों के व एलएलएम, ग्राम सचिवों, चालकों-परिचालकों के पदों पर भर्ती के लिए परिणामों को लटकाए हुए है वहीं अन्य आवेदनों पर कोई कारवाई शुरू नहीं की है। उन्होंने कहा कि सीएम हुड्डा द्वारा रोजगार देने के दावों की भी मीडिया ने पोल खोल दी है और अब भी सरकार आनाकानी करने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि हुड्डा सरकार एक बार फिर सरकार प्रदेश के लाखों बेरोजगार युवकों को ऐलनाबाद उपचुनाव का बहाना बना कर उनका राजनैतिक व आर्थिक शोषण करने जा रही है। अजय सिंह चौटाला ने कहा कि शिक्षकों की कमी के चलते जहां स्कूलों में शिक्षा का बंटाधार हो गया है वहीं कोचों व गलत खेल नीति व शारीरिक शिक्षकों की कमी के चलते खिलाडिय़ों का भविष्य बर्बाद करने पर तुली हुई है। बसों के चालकों परिचालकों के अभाव में परिवहन व्यवस्था बुरी तरह से चरमरा गई है।अजय सिंह चौटाला ने कहा कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा रोजगार देने के नाम पर बेरोजगारों के साथ भद्दा मजाक करना बंद करे और जनता को शिक्षा, परिवहन,स्वास्थ्य, पेजजल जैसी आधारभूत सुविधाएं दे। आज अजय सिंह चौटाला ने गांव अलीकां, मसीतां, मौजगढ़, लखुआना, ढाणी गोविंदगढ़, राजपुरा, सक्ताखेड़ा, लोहगढ़, जोतांवाली, सुखेराखेड़ा, गीदडख़ेड़ा व लंबी आदि गांवों का धन्यवादी दौरा किया। दौरे में उनके साथ पूर्व विधायक डा. सीताराम, राधेराज गोदारा, सरदार जगरूप सिंह, महेंद्र डूडी, सर्वजीत सिंह,टेकचंद छाबड़ा संदीप गंगा, प्रहलाद सिंह सहित अन्य इनेलो नेता, कार्यकर्ता उपस्थित थे।
डबवाली (Arun)- स्थानीय जी. टी. रोड स्थित रेल्वे फाटक के समीप महिलाओं से छेड़छाड़ कर भागने का प्रयास कर रहे जीप चालक ने हड़बड़ाहट में जीप पिंक मार्किट की एक इलैक्ट्रोनिक्स की दुकान में घुसेड़ दिया। प्राप्त जानकारी अनुसार स्थानीय नर सिंह कॉलोनी निवासी हरजीत सिंह अपने परिवार के साथ अपनी कार नम्बर डीएल-7-7371 द्वारा बाजार में खरीददारी हेतु जा रहा था कि वहां खड़े जीप में सवार मक्खन सिंह पुत्र अजैब सिंह निवासी कालझरानी ने उनके परिवार की महिलाओं पर अश£ील फब्तियां कसी तथा हरजीत ङ्क्षसह ने महिलाओं पर हुए कटाक्ष सुनकर कार उसकी जीप के पीछे लगा दी। कार को अपने पीछे आते देख जीप चालक ने हड़बड़ाहट में जीप का बैक गियर लगा दिया और जीप बन्टी इलैक्ट्रोनिक्स की दुकान में घुसेड़ दिया। जिसके फलस्वरूप दुकान में रखा सामान क्षतिग्रस्त हो गया। पीछा करके वहां पहुंची महिलाओं ने उसकी जमकर छित्तर परेड की। सूचना मिलते ही गोल बाजार पुलिस मौका पर पहुंच गई तथा जीप चालक को हिरासत में ले लिया। समाचार लिखे जाने तक पुलिस महिलाओं व जीप चालक से पूछताछ कर रही
डबवाली(Arun) - लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह प्रांगण में हरियाणा कर्मचारी महासंघ तहसील डबवाली की चुनाव सभा जींद के जिला सचिव जीत सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। सभा में विभिन्न विभागों के सैकड़ों कर्मचारियों ने भाग लिया। सभा को संबोधित करते हुए हरियाणा कर्मचारी महासंघ के उपप्रधान मनोज कुमार ने सरकार पर वायदा खिलाफी का आरोप लगाते हुए मांग की कि नये गे्रड का 60 प्रतिशत बकाया तुरंत दिया जाए। विभिन्न विभागों के अस्थाई कर्मचारी पक्के किए जाए। खाली रिक्त पद पक्की भर्ती से भरे जाएं तथा मृतक कर्मचारियों के सदस्य को 1995 से पूर्व की तरह नौकरी दी जाए। सभा में कर्मचारी महासंघ की तहसील कमेटी का चुनाव भी सर्व-सम्मति से संपन्न हुआ। जिसमें प्रधान ओपी शर्मा, उपप्रधान जसविंद्र सिंह बराड़, पाल सिंह, वरिष्ठ उपप्रधान राज कुमार, सचिव जयवीर शर्मा, खजांची राम अवतार, संगठन सचिव सुरेश कड़वासरा, प्रचार सचिव जीत सिंह, हरपाल सिंह, संयुक्त सचिव जोगिंद्र सिंह, सुभाष चंद्र तथा मुख्य सलाहकार प्रेम कुमार चुना गया। सभा में हरियाणा कर्मचारी महासंघ के जिला सचिव जीत सिंह ने कहा कि कर्मचारी महासंघ का सदस्यता अभियान युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है तथा आगामी 17 जनवरी को तुला राम धर्मशाला सिरसा में कर्मचारी महासंघ की जिला कमेटी का चुनाव
डबवाली (Arun)- युवा कांग्रेस के सदस्यता अभियान में तेजी लाने को लेकर हुई कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक को हरियाणा युवा के पूर्व महासचिव अमित सिहाग व स्थानीय हल्का के चुनाव अधिकारी विनोद बांसल ने संयुक्त रूप से सम्बोधित किया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि जहां राहुल गांधी का सपना देश के भविष्य को उज्ज्वल करना है। वहीं सांसद तंवर सत्ता में युवाओं की भागीदारी के लिए संघर्षरत हैं तथा आप सब इस मुहिम में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लें। इस अवसर पर पवन गर्ग, रविन्द्र बिन्दु, राकेश बब्बर, वेदपाल डांगी, रमेश बागड़ी, छोटू राम सहारण, सुखविन्द्र सूर्या, मा. बलविन्द्र, नवदीप, पवन रेगर, औम गौदारा, निर्मल , इन्द्रजीत , विनोद सरपंच, रत्तीराम, पिरथी राज, विजय मुन्नावाली सहित सैंकड़ों युवा कार्यकर्ता उपस्थित
Tahawwur Rana, next week, when a high-level FBI team visits New Delhi with "all details" of their probe. National Security Adviser M K Narayanan said US President Barack Obama has told Prime Minister Manmohan Singh that he was informed of the case related to Headley and Rana, who were arrested by the FBI on the charges of plotting attacks in India at the behest of terror group Lashkar-e-Taiba. Obama told Singh during their meeting on Tuesday that he would be sending a high-level FBI team to India within a week with "all details",Narayanan told journalists accompanying the Prime Minister on return home from two-nation tour of US and Trinidad and Tobago. The team is expected to give exhaustive details about the plans of Headley and Rana and their network in India. "Let us see what information they share," Narayanan said. Headley, a Pakistani-born American, and Rana, a Canadian of Pakistani-origin, were arrested by the FBI in October on the charges of plotting attacks in India and Denmark. Indian officials suspect that Headley and Rana could have been involved in the 26/11 attacks but there is no evidence in this regard so far. The US has told India that it has zeroed-in on a Pakistani national who could have been a link between Headley and Rana and their Pakistan-based handlers. Indian investigators wanted to interrogate Headley and Rana and a team from New Delhi had gone to the US earlier this month. But the US did not give access citing legal compulsions. However, sources downplayed this saying India understands the compulsions and will "work around that". US National Security Adviser James Jones had said that US was unable to allow Indian investigators access to the arrested LeT operatives because certain aspects of the legal system here protect the rights of the accused. The sources also said Obama has promised to provide all details about Headley-Rana investigations to India. During his meeting with Obama, Manmohan Singh had expressed concern over "new hubs" of terrorism coming up in India's neighbourhood, the sources said. Singh also registered disappointment over the selective approach of Pakistan in fighting terrorism. They said Obama's unhappiness over this approach was reflected in the Indo-US joint statement, which twice referred to "safe havens" for terrorism in Pakistan and underlined the need for smashing these
"The impact cannot be much as our stake is so small and the amount involved compared to the world economy is miniscule," Pranab Mukherjee told reporters in Chandigarh, where he was delivering a lecture. "Watchful and effective intervention at the appropriate time can avert some immediate crisis," he said. Indian stocks and the rupee were rattled on Friday after Dubai's woes stoked fears over corporate exposure to a key trading partner and that foreign funds would lose their appetite for risk. The United Arab Emirates (UAE), of which Dubai is part, is the second-biggest export destination for India and accounts for 10-12 per cent of India's inward remittances.
Mukherjee said the emirate's problems could force a return of Indian citizens, who make up more than 40 per cent of the UAE's population.
Stimulus unsustainable Mukherjee said the stimulus measures that buoyed the economy in the wake of the financial crisis were unsustainable and the government would have a roadmap by December to consolidate its fiscal position over the next five years. The firefighting policies by Asia's third-largest economy have contributed to a bulging of the fiscal deficit to a projected 6.8 per cent of GDP for 2009/10. "This level of fiscal expansion can only be a short-term response and is unsustainable on a long-term basis," Mukherjee said in his speech. Prime Minister Manmohan Singh has said India would likely wind down its stimulus measures next year. The Reserve Bank of India has already started what it calls the first phase of the exit from its easy monetary policy, worried about inflationary pressures. India's economy was set to grow at 6-7 per cent in the financial year to March and the government was efforting a return to the 9 per cent growth rate seen before the crisis clipped the pace of expansion, Mukherjee said. The worst of the financial crisis seemed to be over and there would not be a lasting impact on India's development outlook over the medium to long term, he said. "The caveat is a sustained recovery of the developed countries from the current crisis," he said.
Mukherjee also said the RBI had intervened in the forex markets to stabilise the rupee after the crisis
चंडीगढ़ : राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन बूटा सिंह ने पंजाब सरकार को चेतावनी दी है कि वह राज्य में दलितों पर अत्याचार के मामलों पर रोक लगाए अन्यथा आयोग ऐसे मामलों में सरकार के खिलाफ कड़ी रिपोर्ट संसद को भेजेगा। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार राज्य में दलितों को कल्याण योजनाओं का पूरा लाभ नहीं दे रही। यहां पंजाब पुलिस के सीनियर अफसरों से राज्य में दलितों पर अत्याचार मामलों पर चर्चा के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि पंजाब के डीजीपी ने उन्हें ऐसे मामलों में दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दिया है और कार्रवाई के बारे में आयोग को अवगत कराने की बात भी कही है। बूटा सिंह ने कहा कि विभिन्न राज्यों से मिले ब्यौरे के बाद आयोग ने पाया है कि पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और उड़ीसा में सरकारों का काम दलितों के मामले में तसल्लीबख्श नहीं है। इन राज्यों में दलितों पर अत्याचार के ऐसे मामले भी सामने आए हैं जिनकी मिसाल आजादी से पहले कहीं नहीं मिलती। उन्होंने आज की बैठक का जिक्र करते हुए बताया कि भुलत्थ से कांग्रेसी विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने आयोग के पास तीन शिकायतें भेजी थीं। इन मामलों में डीजीपी पीएस गिल, एडीजीपी राजन गुप्ता और डीआईजी आरपीएस बराड़ आयोग के समक्ष पेश हुए थे। खैरा भी विशेष तौर पर पीडि़तों को लेकर उनसे मिलने आए थे। खैरा ने ढिलवां थाने के अंतर्गत गांव बिजली नंगल कश्मीर सिंह बाजीगर की बेटी के विवाह समारोह के दौरान अकाली समर्थकों द्वारा बारात से मारपीट करने की शिकायत रखी। पीडि़तों द्वारा थाने में शिकायत करने पर पुलिस ने मामला दर्ज करने से इंकार कर दिया। खैरा ने आयोग के समक्ष मंसूरवाला गांव के दलित सरपंच का मामला उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव के अनुसूचित जाति से संबंधित सरपंच जोगा सिंह को बेवजह बर्खास्त कर दिया गया है।
बर्लिन। भारत दुनिया के भ्रष्टतम देशों में शुमार है। सकार क्षेत्र में भ्रष्टाचार के मामले में 180 देशों की सूची में भारत का स्थानर 84वां है। दुनिया में भ्रष्टाचार पर नजर रखने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था ट्रांसपैरेंसी इंटरनेशनल की बुधवार को एक साथ विभिन्न देशों में जारी वार्षिक रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत के मुकाबले पाकिस्तान में भ्रष्टाचार ज्यादा है। 2.4 अंकों के सात वह 138वें स्थान पर है। भ्रष्टाचार के मामले में जो देश इस सूची में सबसे निचले पायदान पर हैं, वे सभी संघर्ष य हिंस से प्रभावित हैं। इनमें अफगानिस्तान, म्यांमार, इराक, सोमालिया और सूडान प्रमुख हैं। इस सूची में न्यूजीलैंड, डेनमार्क और सिंगापुर ईमानदार देशों में शुमार किए गए हैं। सर्विया, घाना, पेरू और बुर्किना फासो जैसे विकासशील देशों की स्थिति भारत से बेहतर है। उन्हें इस सूची में क्रमश: 83, 79 और 75वें स्थान पर रखा गया है। चीन की स्थिति भी भारत से थो़डी बेहतर है। उसे 3.6 अंक मिले हैं। भारत के अन्य प़डोसी देशों में नेपाल 143वें स्थान के साथ भारत से काफी नीचे है जबकि बांग्लादेश पाकिस्तान के साथ 139वें स्थान पर है। श्रीलंका 3.1 अंकों के साथ 97वें स्थान पर है। स्विस बैंकिंग कानून बदलने की सिफारिश संस्था ने पहली बार सिफारिश की है कि स्विट्जरलैंड जैसे देशों के बैंकिंग कानून में संशोधन किया जाना चाहिए, जहां काली कमाई को सुरक्षित रखा जाता है। संस्था ने कहा कि अब समय आ गया है जब बैंकिंग कानून में गोपनीयता का प्रावधान समाप्त होना चाहिए। ट्रांसपैरेंसी इंटरनेशनल इंडिया के प्रमुख आरएच तहलियानी ने कहा कि उनकी संस्था ने पाया कि गरीबी और भ्रष्टाचार में सीधा संबंध है, जिससे गरीबी से ल़डने में मुश्किल आ रही है तथा संयुक्त राष्ट्र सहस्त्राब्दी विकास लक्ष्य हासिल करने की कोशिश भी नाकाम
राष्ट्रीय जांच एजेंसी देशद्रोहियों को खोजने व आतंकी हमलों की साजिशें नाकाम करने में जुटी है, वहीं एसटीएफ और पुलिस ने मंगलवार को कोलकाता में 31 लाख, दिल्ली में 10, मुंबई में 2.5 लाख की नकली करेंसी बरामद की। 31 लाख की नगदी तो अकेले लश्कर-हुजी से जुड़े तीन बांग्लादेशी आंतकियों से बरामद हुई है जिन्हें धर्मतल्ला में दबोचा गया। ये तीनों श्रमजीवी एक्सप्रेस धमाके और हैदराबाद एसटीएफ कार्यालय पर दफ्तर पर हमले में शामिल रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि हजार और पांच सौ के नोटों की यह खेपें बांग्लादेश के रास्ते देश में पहुंची है। एसटीएफ प्रमुख राजीव कुमार ने बताया कि आतंकियों अब्दुल बाकी, मुहम्मद तहिदुर और अब्दुल रहमान को धर्मतल्ला में उस वक्त दबोचा गया, जब वह बस स्टैंड पर मालदा जाने वाली गाड़ी के बारे में पूछ रहे थे। उनके बैगों से 31 लाख की करेंसी, फर्जी डीएल, वोटर आईडी मिले हैं। एसटीएफ प्रमुख ने कहा, तीनों मुर्शिदाबाद जिले से ट्रेन द्वारा कोलकाता पहुंचे थे। अब्दुल बाकी हैदराबाद स्थित एसटीएफ दफ्तर पर हमले में शामिल था जबकि तहिदुर श्रमजीवी एक्सप्रेस विस्फोट कांड में शामिल रहा। तीनों पाकिस्तान शाहिद बिलाल ग्रुप से जुड़े हैं,जो लश्कर-ए- तैयबा और हरकत उल जिहाद अल इस्लामी (हुजी) को आतंकी उपलब्ध करवाता है। पूछताछ में पता चला है कि अब्दुल रहमान हीली सीमा से घुसपैठ कर गत अप्रैल माह में भारत आया था जबकि बाकी कब आए इसका पता जांच के बाद चलेगा। कुमार ने कहा,आतंकियों से गिरोह के अन्य सदस्यों तथा कोलकाता में मौजूद मददगारों के बारे में पूछताछ की जा रही है। वहीं, दिल्ली पुलिस के सहायक आयुक्त नीरज ठाकुर ने बताया, पुलिस ने सफदरगंज इनक्लेव के निकट कमल सिनेमा के पास से वसीम, मजीबुर रहमान, रोहित यादव और विपिन खारी नामक व्यक्ति को दस लाख की नकली करेंसी के साथ पकड़ा। इसी प्रकार महाराष्ट्र एटीएस ने सेंट्रल मुंबई के सिवोन-कोलीवाडा क्षेत्र से झारखंड के पांच लोगों को ढाई लाख के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया।
अपने देश में सड़क दुर्घटनाओं के लिए व्यक्तियों को सूली पर चढ़ाने की परंपरा है, जबकि विभागीय संस्थाएं अपनी जिम्मेदारी से साफ बच निकलती हैं। भारत में सालाना करीब एक लाख 40 हजार सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। इनमें 90 प्रतिशत मामलों में ड्राइवर को दोषी माना जाता है लापरवाही से गाड़ी चलाने का मुकदमा चलता है। सिर्फ आठ प्रतिशत मामलों में वाहन मालिकों को कसूरवार ठहराया जाता है। दो फीसदी दुर्घटनाओं में ही पीडब्लूडी, ट्रैफिक पुलिस या आरटीओ की जिम्मेदारी तय होती है। ऐसे मामले अपवाद ही हैं जहां गढ्डेदार सड़क, गलत मोड़, बेढब ढलान, बेवजह स्पीड बे्रकर, मिट्टी-रोड़ी-बजरी जैसे बेजा अवरोध, गलत या अनुपस्थित यातायात संकेतक अथवा त्रुटिपूर्ण यातायात व्यवस्था और इनसे जुड़े विभागों को दुर्घटना के लिए जिम्मेदार माना गया हो, जबकि पचास प्रतिशत दुर्घटनाओं में इन की प्रत्यक्ष या परोक्ष भूमिका होती है। यहां तक कि वाहन में निर्माणगत खराबी भी दुर्घटना का कारण हो सकती है, जिसके लिए वाहन निर्माता की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए लेकिन भारत में कानूनी प्रावधान होते हुए भी ज्यादातर विभाग दुर्घटना की जिम्मेदारी से साफ बच निकलते हैं। मोटर वाहन एक्ट, 1988 की धारा 135 में बाकायदा इस बात की व्यवस्था है कि प्रत्येक दुर्घटना की राज्य सरकार द्वारा विधिवत जांच एवं विश्लेषण होना चाहिए ताकि हादसे के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों तथा एजेंसियों की जिम्मेदार तय की जा सके। परंतु इस नियम की शायद ही कोई परवाह की जाती है। नतीजतन कई मर्तबा बेगुनाहों को सजा हो जाती है, जबकि असली गुनहगार छूट जाते हैं और दुर्घटनाओं को बढ़ाते रहते हैं। किसका है कसूर : सड़क हादसों के लिए दूसरे कारक किस तरह जिम्मेदार हो सकते हैं, इसे समझने के लिए मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे पर 1995 के दौरान हुए हादसों की जांच पर निगाह डालना उचित रहेगा। उस समय यह एक्सप्रेस-वे नया-नया बना था और इस पर एक के बाद एक दुर्घटनाएं हो रही थीं। जब गहन जांच हुई तो पाया गया कि दुर्घटनाएं टायरों की वजह से हो रही थीं जिन्हें एक्सप्रेस-वे जैसी परिस्थितियां झेलने के लिए नहीं बनाया गया था। इसके बाद वहां ट्रकों के लिए रफ्तार सीमा तय कर दी गई, जिससे दुर्घटनाएं थम गई। दूसरा उदाहरण दिल्ली-गुड़गांव और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे का है। अब तक जिम्मेदार एजेंसियों ने इनके कारणों की समुचित जांच नहीं की है। इन दोनों एक्सप्रेस-वे के डिजाइन में गंभीर खामियां हैं जिससे गलत जगहों पर निकासी और प्रवेश के रास्ते दे दिए गए हैं। इसके अलावा दूसरी गड़बड़ी गलत-अस्पष्ट-छोटे एवं भ्रामक यातायात संकेतक तथा प्रकाश की अपर्याप्त व्यवस्था की है।
किड्स किंगड्म ने उतारे तारे जमीं पे
डबवाली किड्स किंगड्म कॉन्वेंट स्कूल एवं होली नर्सिंग स्कूल सिंघेवाला में शनिवार को तारे जमीं पे कार्यक्रम के तहत इंटर स्कूल फैन्सी ड्रेस प्रतियोगिता आयोजित करके बाल दिवस मनाया।यह जानकारी देते हुए स्कूल संचालन समिति लर्निंग ट्री ऐजुकेशनल सोसायटी के प्रशासक सोहन लाल गुम्बर ने बताया कि फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता के सीनियर वर्ग में वंश अरोड़ा गोपाल शिशु वाटिका ने प्रथम स्थान पाकर 2100 रूपये, बेबी गुनगुन कुक्कड़ धमीजा शिशु वाटिका ने द्वितीय स्थान पाकर 1100 रूपये, अनन्या मिढ़ा गोपाल शिशु वाटिका ने तृतीय स्थान पाकर 500 रूपये का नकद पुरस्कार और ट्रॉफी जीती। इसी वर्ग में बेबी केयर प्ले वे स्कूल के ओरम तथा गोपाल शिशु वाटिका के रूपम को सांत्वना पुस्कार मिला।फैन्सी डे्रस प्रतियोगिता के जूनियर वर्ग में बाल वाटिका स्कूल किलियांवाली के अनिरूद्ध गर्ग ने प्रथम, गोपाल शिशु वाटिका के उदित वधावन ने द्वितीय, श्वेता ने तृतीय स्थान पाया। जबकि सांत्वना पुरस्कार बाल वाटिका स्कूल के आर्तिक को मिला। इस प्रतियोगिता के सीनियर और जूनियर वर्ग में डबवाली तथा किलियांवाली के 15 विद्यालयों के लगभग 100 विद्यार्थियों ने भाग लिया।इस मौके पर मुख्य अतिथि शिरोमणि अकालीदल नेता सुखपाल सिंह किलियांवाली ने भ्रूण हत्या रोकने के लिए महिलाओं को जागरूक होने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में वृक्षारोपण करके पर्यावरण को सुधारा जा सकता है। उन्होंने पंजाब के स्वास्थ्य विभाग पर भू्रण हत्या रोकने के लिए किये जाने वाले प्रयासों को सिर्फ कागजी कार्यवाही बताया। उन्होंने यह भी कहा कि हमारे समाज का कितना बड़ा दुर्भाग्य है कि महिलाएं डेरों में जाकर तो सेवा करती हैं लेकिन घर पर सास की सेवा नहीं करतीं। इस अवसर पर कार्यक्रम के अध्यक्ष एक्सीयन पब्लिक हैल्थ केके वर्मा ने कहा कि किंड्स किंगड्म स्कूल की प्रबंधक समिति ने गुणवत्तायुक्त शिक्षा देने का जो फैसला लिया है वह सराहनीय है और उन्हें उम्मीद है कि इस स्कूल का पढ़ा हुआ बच्चा सीबीएसई का टॉप का विद्यार्थी साबित होगा। इस मौके पर उद्योगपति प्रदीप गर्ग, गुरू नानक कॉलेज की प्रिंसीपल डॉ. इन्दिरा अरोड़ा, पेट्रो डीलर संदीप चौधरी की पत्नी सुनीता चौधरी, डॉ. मुकेश गोयल, डॉ. रीतू गोयल, डॉ. रमेश कुमार, रेखा रानी, देव कुमार शर्मा, पूर्व सरपंच जसकरण सिंह भाटी, सतपाल सत्ता, स्कूल प्रबंधक समिति के सचिव अमी लाल, प्रधान अरूणा वर्मा, सोहन लाल गुम्बर, पब्लिक हैल्थ डबवाली के जेई सतपाल, इंजीनियर गिरधारी लाल अग्रवाल, सुधा कामरा, मुकेश कामरा, ओपी सचदेवा, प्रमोद झांब उपस्थित थे।
महन्त को बांधकर लुटेरों ने लाखों रूपये का सोना और नकदी लूटी
डबवाली जिला सिरसा के थाना रोड़ी क्षेत्र के एक डेरा में अज्ञात लुटेरों ने डेरे के महन्त और सेवक को एक कमरे में बांध कर हजारों रूपये की नकदी और लाखों रूपये का सोना लूट लिया।प्राप्त जानकारी अनुसार गांव लहंगेवाला में स्थित डेरा भगवान दास टहलांवाला में शुक्रवार की रात को करीब 11-12 बजे 4-5 अज्ञात व्यक्ति आये। जिनके पास चोटें मारने वाले हथियार थे। इन लुटेरों ने डेरा में प्रवेश करते ही डेरा के महन्त रविदास और सेवक रामदास के चोटें मारीं और उन्हें काबू करके डेरा के एक कमरे में बन्द कर दिया और उनके हाथ-पैर बांध दिये। शनिवार सुबह गांव का सुनील मान नामक युवक डेरा में आया तो उसने देखा कि डेरा का सामान बिखरा हुआ है और एक कमरे के भीतर महन्त और सेवक बंधे हुए हैं। उसने पहले उनको बंधनमुक्त किया और इसकी जानकारी थाना रोड़ी पुलिस को दी। मौका पर एएसपी सज्जन सिंह, थाना रोड़ी प्रभारी, डॉग स्कवैड और फिं गर प्रिंट एक्सपर्ट भी पहुंचे।महन्त रविदास ने पुलिस को बताया कि लुटेरे डेरा से छह लाख रूपये की कीमत का 36 तोले सोना, 20 हजार रूपये की नकदी, एक बन्दूक और कुछ जीवित कारतूस लूट ले गये। पुलिस ने अज्ञात लुटेरों के खिलाफ केस दर्ज करके मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है। पता चला है कि पुलिस ने कुछ संदिग्ध स्थानों पर छापामारी भी की है।
मैंने ईश्वर को देखा है। वह भारत की तरफ से चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करता है। क्रिकेट के शहंशाह सचिन तेंदुलकर पर यह टिप्पणी किसी आम आदमी ने नहीं बल्कि आस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज सलामी बल्लेबाज मैथ्यू हेडेन ने की थी। तब से मास्टर बल्लेबाज को क्रिकेट का भगवान की उपाधि दे दी गई। इसके बाद भी कई पूर्व व वर्तमान खिलाडि़यों ने सचिन को भगवान के समकक्ष बताया। मगर खुद सचिन इस बात से विनम्रता से इनकार करते हुए कहते हैं कि मैं भगवान नहीं हूं। मुझे बस लोगों का अपार प्यार मिलता है और मुझे भारत की ओर से खेलना बेहद पसंद है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रविवार को 20 साल पूरे करने वाले तेंदुलकर ने कहा कि मुझे बहुत खुशी होती है कि इतने अधिक लोग मेरे करियर का अनुसरण करते हैं। मैं भी इंसान हूं, लेकिन मेरे पीछे एक बड़ी शक्ति, बड़ी टीम है। मेरे साथी खिलाड़ी, परिवार, बच्चे, दोस्त और प्रशंसक हैं। मैं जब बल्लेबाजी के लिए क्रीज पर जाता हूं तो मैं उनकी तरफ से खेलता हूं। तेंदुलकर ने अपने करियर में बल्लेबाजी के कई रिकार्ड तोड़े, लेकिन इस दौरान दो बार उन्हें लगा कि उनका करियर समाप्त हो गया है। ठीक 20 साल पहले 15 नवंबर 1989 को कराची में खेले गए अपने पहले टेस्ट मैच के बारे में इस स्टार बल्लेबाज ने कहा कि पहली बार पाकिस्तान के खिलाफ पहले टेस्ट के बाद मुझे ऐसा लगा। मैंने केवल 15 रन बनाए और मैंने सोचा कि क्या मुझे अगले मैच में खेलने का मौका मिलेगा, लेकिन मुझे यह मौका मिला। जब मैंने दूसरे मैच में 58 या 59 रन बनाए तो मुझे बड़ी राहत मिली। दूसरी बार तब जब मैं टेनिस एल्बो चोट से पीडि़त था। यह बहुत मुश्किल समय था। मैं रात को सो नहीं पाता था और मुझे लगा कि मेरा करियर समाप्त हो गया है। तेंदुलकर ने पिछले साल चेन्नई में इंग्लैंड के खिलाफ 140 रन की मैच विजेता पारी को आस्ट्रेलियाई तेज आक्रमण के खिलाफ पर्थ में 1991 में खेली गई 119 रन की पारी से ऊपर रखा क्योंकि यह शतक उन्होंने मुंबई आतंकी हमले के बाद लगाया था। उन्होंने कहा कि मैं कह सकता हूं कि पर्थ की पारी मेरी चोटी की पारियों में शामिल है। लेकिन पिछले साल चेन्नई में मैंने जो पारी खेली वह सभी से ऊपर है क्योंकि इस मैच से कुछ दिन पहले मुंबई में भयावह घटना घटी थी। इसकी भरपाई नहीं की जा सकती, लेकिन इस जीत से हम कुछ पलों के लिए उनका ध्यान बांटने में सफल रहे। तेंदुलकर से जब पूछा गया कि क्या उनका पुत्र अर्जुन भी उनके नक्शेकदम पर चलकर क्रिकेट खेलेगा, उन्होंने कहा कि वह अभी दस साल का है और मैं उस पर क्रिकेट खेलने का दबाव नहीं डालूंगा। यदि उसे क्रिकेट खेलनी है तो पहले उसे इस खेल को अपने दिल में बसाना होगा तेंदुलकर और फिर इसके बारे में सोचना होगा। यह बात सिर्फ अर्जुन ही नहीं बल्कि सभी युवाओं पर लागू होती है। कप्तानी के बारे में उन्होंने कहा कि मुझे कभी नहीं लगा कि यह बोझ है। निश्चित तौर पर देश की कप्तानी करना सम्मान है। यह अलग तरह का अनुभव है। हमने आस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट मैच जीता। टाइटन कप जीता और टोरंटो में पाकिस्तान को हराया, लेकिन वेस्टइंडीज के खिलाफ बारबडोस में 120 रन का लक्ष्य हासिल नहीं कर पाए। मैंने इस दौर का भी लुत्फ उठाया और इससे काफी कुछ सीखा।
हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और पूर्व उप प्रधानमंत्री ताऊ देवीलाल भले ही धुर राजनीतिक विरोधी रहे हों लेकिन लगता है कि हुड्डा भी कभी न कभी ताऊ के जनसंपर्क स्टाइल के कायल रहे हैं। तभी तो आज हुड्डा का कारवां मदीना जाते हुए रोहतक के गांव बहुअकबरपुर में सड़क किनारे टेंट लगा देख अचानक ठहर गया। हुड्डा न केवल अपने वाहन से उतरे बल्कि टेंट लगे घर में भी गए। वहां जाकर हुड्डा को पता चला कि इस घर की महिला हुकमो देवी का देहावसान हो गया है। हुड्डा ने शोकाकुल परिवार के दुख में शरीक होते हुए हुकमो देवी को श्रद्धांजलि दी तथा पूरे परिवार को ढांढस बंधाया। पूर्व उपप्रधानमंत्री ताऊ देवीलाल भी अपने कार्यकाल में कुछ ऐसा ही करते थे। उनका काफिला अचानक कहीं भी रुक जाता था और ताऊ लोगों के बीच बैठकर उनके सुख-दुख में शरीक होते। मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा ने भी आज कुछ ऐसा ही किया। मुख्यमंत्री को अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार गांव मदीना में आनंद सिंह दांगी के निवास पर जाना था। वहां आनंद सिंह दांगी की भाभी रुकमणी देवी का निधन हो गया है। जब हुड्डा का काफिला रोहतक से मदीना के लिए रवाना हुआ तो गांव बहुअकबरपुर में बाई ओर सड़क के किनारे लगे टेंट को देखकर हुड्डा ने अपनी गाड़ी रुकवाई और वे तुरंत उस घर में पहुंच गए। जहां शोक सभा हो रही थी। मुख्यमंत्री की अचानक उपस्थिति को देखकर ग्रामीण आश्चर्यचकित रह गए। आज भूपी ने लोगों के बीच अचानक पहुंचकर न केवल ताऊ की यादें ताजा कर दी हैं बल्कि अपने सामाजिक होने का अहसास भी कराया है। मुख्यमंत्री ने मदीना पहुंचकर महम के विधायक आनंद सिंह दांगी की भाभी के निधन पर भी दुख व्यक्त किया।
23 दिसंबर, 1995 को हुए डबवाली अग्निकांड में पांचवीं क्लास का एक छात्र साहिल सेठी का शरीर पचास प्रतिशत से ज्यादा जल गया था। उसके साथ में उसकी बहन भी इस हादसे का शिकार बन गई थी। साहिल ने फिर भी हार न मानते हुए अपनी अपंगता व आर्थिक परेशानी को बाधा न बनने देते हुए अपने पक्के इरादे के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखी। मेहनत के बल पर पहले बीटेक पास की और बाद में एमबीए की पढ़ाई के लिए कैट की परीक्षा पास की। डबवाली अग्निकांड पीडि़त एसोसिएशन के प्रवक्ता व साहिल के दादा ने बताया कि साहिल को एक साथ छह आईआईएम से दाखिले की काल आई, लेकिन साहिल ने आईआईएम अहमदाबाद को चुना। उसके अनुसार वह जिले में पहला लड़का है, जिसका दाखिला आईआईएम में हुआ है। किसकी क्या हिस्सेदारी तय की गर्ग कमीशन ने : हाईकोर्ट के आदेश पर बनें जस्टिस टीपी गर्ग कमीशन ने अपनी रिपोर्ट में मुआवजा की राशि का अस्सी प्रतिशत हिस्सा डीएवी ग्रुप, दस प्रतिशत डीसी सिरसा व पांच-पांच प्रतिशत एमसी व बिजली बोर्ड से लेने की सिफारिश की थी। कमीशन ने इस कांड से प्रभावित लोगों को उनकी उम्र व उनके आय के हिसाब से मुआवजा देने की सिफारिश भी की थी। एक-एक लाख का मुआवजा दे चुकी है हरियाणा सरकार : हरियाणा सरकार ने उस समय प्रत्येक मृतक के परिवार को एक-एक लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल होने वाले लोगों को 50-50 हजार रुपये अनुदान के रूप में दिए थे। अदालत के आदेशों पर घायलों के उपचार पर होने वाला खर्च भी सरकार ने उठाया गया था।
( Arun Singla)- मंगलवार रात डेरा सच्चा सौदा सिरसा से पंजाब के फरीदकोट की ओर जा रहा डेरा प्रेमियों से भरा कैंटर गांव चोरमार के पास टै्रक्टर-ट्राली से जा टकरा गया। इससे दो महिलाओं
व दो बच्चों सहित सात लोगों की मौत हो गई। इनके अलावा करीब 40 श्रद्धालु घायल हो गए। इनमें अधिकतर बच्चे व महिलाएं हैं। घायलों में से आठ की हालत गंभीर है। घायलों को सिरसा व ओढ़ां के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कैंटर व ट्रैक्टर के परखचे उड़ गए। मंगलवार रात को लगभग 50 डेरा प्रेमी वार्षिक समारोह में भाग लेकर कैंटर से पंजाब के फरीदकोट की ओर जा रहे थे। डबवाली के नजदीक चोरमार के पास कैंटर टैक्टर-ट्राली से टकरा गया। टक्कर होने से कैंटर पलट गया और अधिकतर श्रद्धालु नीचे दब गए। एक महिला की मौत मौके पर ही हो गई व छह लोगों ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। आठ लोगों की हालत गंभीर बताई जाती है। घायलों में ज्यादातर बच्चे व महिलाएं हैं। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों व पुलिस ने बचाव दल ने घायलों को निकाला व ओढ़ा व डबवाली के अस्पतालों में पहुंचाया। गंभीर रूप से घायल आठ श्रद्धालुओं को सिरसा के सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एसडीएम सुभाष गाबा, डीएसपी बलबीर सिंह व एसएचओ विजेंद्र सिंह ने मौके पर पहुंच कर स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया। 23 घायलों को ओढां व कुछ को सिरसा के स्थानीय अस्पताल में भर्ती किया गया है। हर ओर थी चीख पुकार हादसे के बाद हर ओर चीख पुकार मची थी। एक ओर घायल पीड़ा से कराह रहे थे और दूसरी ओर अपनों को खोने वाले संताप कर रहे थे। बचाव कर्मी व ग्रामीण घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने में जुटे थे। ओढां के अस्पताल में एक के बाद एक घायल पहुंचने लगे तो वहां भी हड़कंप मच गया। आनन-फानन में घायलों को भर्ती किया और तुरंत उन्हें चिकित्सा सहायता दी गई। हर कोई अपने अपनों को ढूंढ रहा था। बाद में गंभीर रूप से घायलों को लेकर बस सिरसा पहुंची और जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी। सिरसा में दस घायलों को भर्ती कराया गया है। इनमें चार महिलाएं और दो बच्चे हैं।
खराब फैसले ने सचिन को 17 हजारी बनने से रोका
नई दिल्ली ।। सोमवार को सभी क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें सचिन तेंडुलकर पर लगी हुई थीं। मास्टर ब्लास्टर को वन डे में 17000 रन पूरे करने के लिए सिर्फ 47 रन की जरूरत थी। जब भारत मोहाली में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चौथे वन डे में 251 रन के लक्ष्य का पीछा करने मैदान में उतरा तो सभी को उम्मीद थी कि सचिन इस मैच में ही 17000 रन पूरे कर लेंगे। सचिन भी जमकर बैटिंग करते हुए आगे बढ़ते रहे और इसी के साथ स्टेडियम में बैठे हजारों और टेलिविजन से चिपके करोड़ों फैन्स की उम्मीदें भी बढ़ती गईं। सचिन 40 रन तक पहुंच गए और लोग सांसें रोक कर उनके 47 रन तक पहुंचने का इंतजार करने लगे, लेकिन तभी श्रीलंकाई अंपायर अशोक डिसिल्वा के गलत फैसले ने सचिन के साथ साथ सभी की निराश कर दिया। डिसिल्वा ने सचिन को ऑफ स्पिनर नाथन हॉरिट्ज की बॉल पर एलबीडब्ल्यू आउट दे दिया, जबकि रीप्ले में साफ था कि वह बॉल लेग स्टंप के बाहर जा रही थी। बॉल मिडिल स्टंप पर पड़ कर लेग की तरफ टर्न हुई थी। पता नहीं डिसिल्वा को यह सब क्यों नहीं दिखा। अब क्रिकेट प्रेमियों को सचिन के 17000 रन के लिए हैदराबाद में होने वाले पांचवें वन डे तक इंतजार करना होगा। 1989 में पाकिस्तान में इंटरनैशनल क्रिकेट में कदम रखने वाले सचिन ने अब तक वन डे में 16993 रन बनाए हैं। इनमें 44 सेंचुरी और 91 हाफ सेंचुरी शामिल हैं। उन्होंने 159 टेस्ट मैचों में 42 सेंचुरी और 53 हाफ सेंचुरी समेत 12773 रन बनाए हैं।
15 घंटे बाद भी आग पर काबू नहीं
जयपुर। जयपुर के सीतापुरा क्षेत्र में स्थित आईओसी तेल डिपो में बृहस्पतिवार शाम करीब साढे सात बजे से लगी विकराल आग पर अभी तक काबू नहीं पाया जा सका है। सेना और मथुरा रिफाइनरी से पंहुचे विशेषज्ञ आग की भीषणता के कारण आग से प्रभावित डिपो के करीब नहीं पंहुच पा रहे है।डिपो में घटना के वक्त तैनात अधिकारियों और कमच्चारियों को लेकर असमंजसता की स्थिति बनी हुई है।केन्द्रीय पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवडा ने जयपुर पहुंच कर स्थिति की समीक्षा करते हुए राज्य सरकार को हर संभव सहयोग एवं मदद का आश्वासन दिया है। आईओसी के मुख्य आपरेशन अधिकारी राजेश स्याल से फोन पर संपर्क किया गया तो उन्होंने इस संबंध में कोई भी स्पष्ट जवाब नहीं दिया और केवल इतना कहा कि वह किसी आवश्यक मीटिंग में हैं। इसी तरह एक अन्य अधिकारी ने भी इस बारे में कुछ भी बताने में असमर्थकता व्यक्त की। सू़त्रों ने बताया कि तेल डिपो में कामकाज समाप्त होने के बाद आम तौर पर बीस से तीस कर्मचारी तैनात रहते है। जयपुर जिला कलेक्टर कुलदीप रांका के अनुसार आयल डिपो में लगी आग से अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है और एक सौ चालीस लोग घायल हुए है। उन्होने कहा कि 36 घायलों को छोडकर शेष को प्राथमिक उपचार के बाद छुटट्ी दे दी गई है। अपुष्ट सूत्रों के अनुसार मृतकों और घायलों की संख्या इससे अधिक है।अधिकारिक सूत्रों के अनुसार आग पर काबू पाने के प्रयास जारी है। सेना जिला प्रशासन और मथुरा रिफाइनरी से आए विशेषज्ञ दल को आग पर काबू पाने के लिए कल आधी रात के बाद से सहयोग कर रही है।उन्होने बताया कि आयल डिपो से करीब एक किलोमीटर के दायरे को जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर कल रात ही खाली करवा लिया था। उन्होंने बताया कि प्रभावित लोगों को सरकारी भवनों और स्कूल भवनों में आश्रय दिया गया है तथा उन्हें मुफ्त खाना उपलब्ध करवाया जा रहा है। जिला कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट कुलदीप रांका ने प्रभावित इलाके के स्कूलों को आज एहतियात के तौर पर बंद रखने के आदेश दिए है।सूत्रों के अनुसार जयपुर से टोंक की ओर जाने वाले सड़क मार्ग पर कल रात से ही यातायात रोक दिया गया है। इस मार्ग पर जाने वाले वाहनों को परिवर्तित मार्ग से निकाला जा रहा है। सूत्रों से जब जानना चाहा कि आग पर कब तक काबू पा लिया जाएगा, उन्होंने कहा आग पर काबू पाने के प्रयास किए जा रहे हैं। कब तक आग बुझेगी इस बारे में मैं भी स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कह सकता।इधर आयल डिपो में कल लगी आग में करीब ग्यारह डीजल पेट्रेल टैंकर जलकर पिघल गए है वहीं आग से अरबों रूपए का नुकसान हुआ है। आयल डिपो सूत्रों ने बताया कि आग से करोड़ो लीटर पेट्रोल,डीजल और केरोसीन जल गया है।आग से हुए नुकसान का आंकलन फिलहाल शुरू नहीं किया गया लेकिन यह नुकसान अरबों रूपए में होने की आशंका है।आग की लपटें अभी भी लगातार भयावह रूप से उठ रही है। आग से निकला काला भयावह धुआं दूर से नजर आ रहा है।
The quality and quantity is needed for one and all in India--Dr MM Goel
There is a strong case to remove inconsistencies and contradictions between educational goals, actual policy and resources for sustainable human development for Indians in India and elsewhere in the world which calls for manpower planning ensuring accessibility, affordability and quality. To ground the educational programmes in the labour market realities, there is an urgent need of the data to develop occupational analysis with forecasting coupled with appropriate institutional mode of delivery. It is essential for manpower planning because the vocational, higher and technical education programmes have not only failed to tackle the problem of educated unemployment but aggravated it as the rates of unemployment have a tendency to rise sharply with every increase in the level of education' opined Dr MM Goel, Professor & Chairman Department of Economics, Kurukshetra University, Kurukshetra. He was addressing the students of Bhagwan Shri Krishna College of Education, on 'Excellence Models for Teachers in a Changing Economic Scenario'.There is a strong case for reducing the gap between intellectuals and politicians in power to ensure good governance in all sectors of the economy including education which calls for teacher's constituency in parliament as well as State assemblies, believes Professor Goel who is the convener Intellectual cell of the Haryana Pradesh Congress Committee (HPCC).Every possible effort needs to be made for the quality and quantity (both -which has a trade off) for making education as a life insurance for one and all in India. We need to declare education as the basic infrastructural activity.To reduce the critical gap in terms of availability of opportunity of higher education between the rural and urban area in India, Professor Goel justified more allocation of public sector allocation for opening more educational institutions of higher learning in rural areas. He made a call for treating higher education as a highly valuable service that has a price tag and not a heavily subsidized commodity. There is a case for formulating a well-conceived, well planned and equally well implemntable strategy for higher education in India, believes Professor Goel. He said that the educational value of education is more important than the economic value of education which should increase the value of education rather than devaluing the value of education. Professor Goel firmly believes that the education which makes people selfish, egoistic and intolerant is no education. We need to promote a healthy reaction to the individualism and materialism- the dominant trend of modern education and re- conceive the process of education, not merely as an instrument of providing job but an activity that nurtures a continuous growth of the mind and the spirit, and respect the ethics and morals necessary for ordering and illumination of life, observed Professor Goel who belongs to a family of teachers for four generations. Professor Goel feels pain in saying that spiritual bankruptcy and the Commercialization of education are the root causes of deteriorating educational standards in India and is a serious issue of concern for polluting relationship between teacher and student of today. He admitted that to some extent, the teachers are eroding the faith and confidence in Indian education system Being a humble devotee of Lord Krishna , Professor Goel believes that spirituality- the science of soul which is ism neutral and religion free flowing from Bhagwad Gita -a sacro-secular epic needs to be accepted as mantra of excellence by the entire humanity including the teachers of today and tomorrow in all walks of life. Professor Goel emphasized the active participation of private sector in the likelihood of growing demand in future which has to effect a change in the mind set of the masses. To keep the higher education within the reach of poor aspirants, Professor Goel made a case for effective monitoring and regulation of the private sector through appropriate policy measures - a judicious mix of policies, which ensure efficient use of the available educational resources. He has justified the use of cost-benefit analysis for developing new projects of higher education. To plug the loopholes in non-performance, he has rightly pointed out the need for accountability. To justify the Skill of writing as an art, he quoted Alexander Pope, "True ease in writing come by Art not by chance as s (he) moves easiest who has learnt to dance". In his opinion, the writing is not an easy task and is an art which can certainly be developed through lot of reading. It needs to be noted that societies and nations can live without writing but no society can exist without reading, added Goel. Earlier Mrs. Poonam Gupta Principal of the college welcomed & introduced Professor Goel.
गैस की कम कीमत क्या जनहित में नहीं?
सुप्रीम कोर्ट ने आरआईएल से पूछा सवालमुकेश अंबानी की कंपनी को करना पड़ा पेचीदे सवालों का सामनानई दिल्ली।अंबानी बंधुओं की कंपनियों के बीच खनिज गैस को लेकर जारी कानूनी जंग में मुकेश समूह की कंपनी आरआईएल को बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट में खूब पेचीदा सवालों का सामना करना पड़ा। मामले की सुनवाई कर रही बेंच ने आरआईएल से पूछा कि यह कैसे माना जाए कि अनिल समूह की आरएनआरएल के लिए गैस की कीमत बढ़ाने की उसकी मांग सार्वजनिक हित में है।केजी बेसिन परियोजना की गैस की मांगअदालत ने कहा कि क्या यह सार्वजनिक हित में नहीं है कि सभी को 2.34 डॉलर प्रति इकाई (एमएमबीटीयू) के भाव से गैस की आपूर्ति की जाए। अगर सरकार कहे कि गैस की कीमत सबके लिए 2.34 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू हो तो क्या ऐसा करना सार्वजनिक हित में नहीं होगा? मुख्य न्यायाधीश के जी बालकृष्णन, न्यायमूर्ति आरवी रवींद्रन और पी सदाशिवम की बेंच ने आरआईएल के वकील की दलील पर कहा कि 2.34 डॉलर से बढ़ाकर 4.20 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू किए जाने से सिर्फ (आरआईएल) को फायदा हो रहा है जनता को नहीं। आरएनआरएल आरआईएल से रिलायंस घराने के बंटवारे के समय हुई पारस्परिक सहमति के समझौते के आधार पर सरकार द्वारा तय दर से 44 फीसदी कम दर पर रिलायंस की केजी बेसिन परियोजना की गैस की मांग कर रही है।उत्पादन बंटवारा अनुबंध से नहीं बंधीवरिष्ठ वकील हरीश साल्वे आरआईएल के गैस विपणन के अधिकार पर रिलायंस की ओर से दलील दे रहे थे। पीठ ने कहा कि अगर गैस की आपूर्ति कम कीमत पर होती है तो देश को फायदा होगा। साल्वे ने कहा कि फिलहाल आरआईएल के जामनगर संयंत्र के लिए नौ डालर प्रति एमएमबीटीयू की दर से गैस खरीदी जा रही है और सरकारी कंपनी एनटीपीसी भी इसी तरह पर गैस खरीद रही है। कंपनी उससे गैस खरीद कर उसको किसी कीमत पर बाजार में बेचने के लिए आजाद है क्योंकि गैस खरीदने वाली वाली कंपनी सरकार और रिलायंस के साथ हुए उत्पादन बंटवारा अनुबंध से नहीं बंधी है।
भारतीय यात्रा के दौरान सावधान रहें’
अमेरिका ने अपने नागरिकों को चेतायाआतंकी संगठन भारत में हमले की ताक मेंवाशिंगटन। एक अमेरिकी नागरिक के जरिए भारत में आतंकवादी हमले कराने की पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तय्यबा की साजिश का एफबीआई द्वारा भंडाफोड़ किए जाने के बाद अमेरिका ने आज अपने नागरिकोंं को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि वे भारत की यात्रा के दौरान सतर्क रहें। भारत के संबंध में ताजा यात्रा चेतावनी करते हुए अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि अमेरिकी सरकार को लगातार ऐसी सूचनाएं मिल रही हैं कि आतंकवादी संगठन भारत में हमले की योजना बना रहे हैं। यह चेतावनी त्यौहारों के मौसम में इससे पूर्व विदेश मंत्रालय द्वारा जारी चेतावनी की जगह पर नए सिरे से जारी की गयी है।क्षमता और इच्छा का प्रदर्शन विदेश विभाग के ब्यूरो आफ कोंसुलर अफेयर्स ने कहा है कि आतंकवादी और उनके साथ सहानुभूति रखने वालों ने ऐसे स्थानों को हमले का निशाना बनाने की अपनी क्षमता और इच्छा का प्रदर्शन किया है जहां अमेरिकी या पश्चिमी लोग जाते हैं। ताजा चेतावनी अगले वर्ष 28 जनवरी तक प्रभावी रहेगी। विभाग ने कहा है कि पिछले वर्ष नवंबर के मुंबई आतंकवादी हमलों ने इस बात की यादें ताजा कर दी हैं कि होटल तथा अन्य सार्वजनिक स्थल आतंकवादी संगठनों के निशाने पर हैं। चेतावनी में कहा गया है कि अमेरिकी नागरिकों से अपील की जाती है कि वे हमेशा सुरक्षा बरतें, आसपास की स्थितियों को लेकर चौकस रहें और अधिक बाहर न निकलें।स्थानीय समाचार रिपोर्टो पर नजर रखेंचेतावनी में कहा गया है कि अमेरिकियों को सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय समाचार रिपोर्टो पर नजर रखें और सार्वजनिक स्थलों, धार्मिक स्थलों पर जाते समय और होटल, रेस्त्रां, मनोरंजन स्थलों आदि का चयन करते वक्त वहां के सुरक्षा हालात को ध्यान में रखें। एफबीआई ने कल कहा था कि 49 वर्षीय अमेरिकी नागरिक डेविड कोलमैन हेडले लश्कर-ए-तय्यबा नेताओं के करीबी संपर्क में है और भारत में हमले की योजना बनाने में वह संगठन की मदद कर रहा है। हेडले को पाकिस्तानी मूल के एक कनाडाई के साथ इस माह के शुरुआत में गिरफ्तार किया गया था।
लपटों से लाल हुई पिंक सिटी, 12 मरे
आईओसी डिपो में आग पर काबू नहींईंधन को जलने देना ही विकल्प : देवड़ाजयपुर। जयपुर के सीतापुर औद्योगिक क्षेत्र में इंडियन ऑयल के एक डिपो में लगी आग की स्थिति का ज्यााज्ाा लेने पहुंचे पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा का कहना है कि डिपो में पूरे ईंधन को ज्लाने देने के अलावा फिलहाल कोई दूसरा विकल्प नहीं है। देवड़ा ने आज सुबह संवाददाताओं से कहा कि देश में यह एक अप्रत्याशित घटना है। पूरे ईंधन को ज्लाने देना होगा। इसके बाद ही विश्षोज्ञ मौके पर पहुंच सकेंगे। उन्होंने कहा कि राज्स्थाान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से विचार-विमर्श करने के बाद वह खुद इस घटना की ज्चाां का आदेश देंगे। उन्होंने कहा कि आग से हुए नुकसान का आकलन किया ज् रहा है।आग पर अभी तक काबू नहीं दूसरी तरफ जयपुर के सीतापुरा औद्योगिक इलाके में भारतीय तेल निगम डिपो में लगी आग पर अभी तक काबू नहीं पाया जा सका है। इस बीच, केन्द्रीय पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा जयपुर पहुंच गए हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार आग बुझाने में जिला प्रशासन मदद कर रहा है। आग के भीषण रूप को देखते हुए एक किलोमीटर क्षेत्र को कल रात से ही जिला प्रशासन ने खाली करवा लिया था। जिला प्रशासन ने आईओसी डिपो से सटे सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है।आग में 150 लोग झुलसेइससे पहले इंडियन ऑयल की तेल डिपो में लगी भीषण आग ने बृहस्पतिवार को पिंक सिटी जयपुर में तबाही का मंजर ला दिया। सूत्रों के अनुसार हादसे में 12 लोगों की मौत हुई है, जबकि 150 लोग झुलस गए हैं। मृतकों की संख्या बढ़ सकती ेहै। आग की लपटें इतनी ऊंची उठ रही हैं कि आसपास के इलाकों पर खतरा मंडराने लगा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पांच किलोमीटर तक का इलाका खाली करा दिया गया है। यहां दस गांव हैं जिनमें पांच लाख लोग रहते हैं। साथ ही बिजली आपूर्ति रोक दी गई है।270 जवानों को घटनास्थल पर भेजापेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा ने कहा है कि आग बेहद भयंकर है और इसे काबू करने में खासी दिक्कत आ रही है। देवड़ा हालात का जायजा लेने के लिए जयपुर पहुंच चुके है। हालात को संभालने के लिए सेना के 270 जवान मौके पर मौजूद थे। आईओसी और एचपीसीएल के चेयरमैन घटना स्थल के लिए रवाना हो चुके हैं। हादसे की वजह पाइपलाइन में लीक को माना जा रहा है। मृतकों के परिजनों को राजस्थान सरकार ने दो लाख रुपये राहत राशि देने का ऐलान किया है।30 दमकल गाड़ियां लगाई आग बुझाने मेंतेल डिपो में लगी आग पर काबू पाने को दमकल की 30 गाड़ियां लगाई गईं। इसके बावजूद स्थिति नियंत्रण में नहीं आ पा रही थी। जयपुर के चीफ फायर ऑफिसर ने कहा है कि अभी हम आग को फैलने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं। आग बुझाने का काम सुबह से पहले शुरू कर पाना संभव नहीं है। हादसे में घायल हुए लोगों को सवाई मान सिंह और महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अभी भी डिपो के अंदर कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।आग गैस लीकेज की वजह से लगीपुलिस महानिरीक्षक बीएल सोनी ने बताया कि आईओसी डिपो में आग गैस लीकेज की वजह से लगी। नई दिल्ली में मौजूद आईओसी के एक अधिकारी ने कहा कि बचाव कार्य में मदद के लिए दिल्ली और मुंबई से विशेषज्ञों का दल भेजा गया है। जयपुर स्थित आईओसी की इस डिपो में तेल के 11 टैंकर हैं। आग ने सभी टैंकरों को अपनी चपेट में ले लिया है। इन टैंकर में पांच पेट्रोल, तीन डीजल और तीन केरोसिन तके टैंकर हैं। इनकी क्षमता 40-40 हजार किलो लीटर है। फिलहाल इन टैंकरों में 80 लाख लीटर तेल था।
मदर डेयरी ने बढ़ाईं दूध की कीमतें
नई दिल्ली।। बस किराया और पानी के बाद अब दिल्लीवासियों पर महंगे दूध की मार पड़ेगी। मदर डेयरी शिनवार से टोंड और फुल क्रीम दूध की कीमतें बढ़ाने जा रही है। टोंड एक रुपये, जबकि फुलक्रीम 2 रुपये प्रतिलीटर महंगा होगा। टोंड अब 21 रुपये की जगह 22 रुपये प्रति लीटर मिलेगा। फुलक्रीम की कीमत अब 28 रुपये प्रति लीटर होगी। गौरतलब है कि कुछ महीने पहले ही लगभग सभी दूध कंपनियों ने कीमतें बढ़ाई थीं। दूध की महंगी कीमतों के चलते इससे बनने वाले कई प्रॉडक्ट भी महंगे हुए थे।
फर्जी निकली NRI दुल्हनियां, पकड़ा गया गिरोह
चंडीगढ़। पंजाब के मोगा में फर्जी शादी कराने वाले एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश हुआ है जिसकी करतूतें सुनकर आप हैरान रह जाएंगे। ये गिरोह लड़कों को विदेश में बसाने के नाम पर लाखों का चूना लगाता था। मोगा में एक शादी के जश्न में दोस्त-रिश्तेदार झूम रहे थे। दूल्हा-दुल्हन एक दूसरे को वरमाला पहनाने वाले थे कि अचानक किसी ने चिल्लाकर कहा कि ये दुल्हन तो फर्जी है। बस फिर क्या था। पल भर में यहां का पूरा मंजर ही बदल गया। बारातियों के चेहरे पर हवाइयां उड़ने लगीं। दूल्हा सन्न रह गया और दुल्हन चुपचाप एक कोने में बैठी रही। थोड़ी देर में यहां पुलिस भी पहुंच गई। दूल्हे के परिजन कहने लगे कि उनके साथ धोखा हो गया। दरअसल लुधियाना के बूटा सिंह की ख्वाहिश थी कि वो विदेश में जाकर पैसा कमाए लेकिन विदेश जाने का कोई जरिया नहीं मिल रहा था। लुधियाना में बिट्टू नाम के एक ट्रैवल एजेंट ने बूटा सिंह को एनआरआई लड़की से शादी कराकर कनाडा भेजने का दावा किया। प्रवीण नाम की इस लड़की से बूटा की शादी तय हो गई। सौदा 20 लाख रुपए में तय हुआ। बूटा सिंह ने अपनी जमीन बेचकर लड़की वालों को डेढ़ लाख रुपए दे दिए लेकिन शादी के दौरान प्रवीण को किसी ने पहचान लिया कि वो एनआरआई नहीं है।
शिकायत के बाद पुलिस ने लड़की समेत गिरोह के चार लोगों को हिरासत में ले लिया। हालांकि दुल्हन का दावा है कि उसे खुद एनआरआई लड़के से शादी कराने का झांसा दिया गया था। फिलहाल पुलिस इस मामले की तफ्तीश में जुट गई है। पंजाब में ऐसे युवकों की कमी नहीं है जो विदेश जाने के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं और अगर विदेश में रिश्ता हो जाए तो बात ही क्या! इन लोगों की इसी कमजोरी का फायदा अब फर्जी ट्रेवल एजेंट उठा रहे हैं।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय नि:शक्त पेंशन योजना
डिण्डौरी। गरीबी रेखा से नीचे के परिवार के १८ से ६४ वर्ष तक की आयु के नि:शक्त(विकलांग) व्यक्ति को शासन द्वारा हर माह ५०० रू. की पेंशन प्रदाय की जायेगी। इस योजना के अंतर्गत पात्रता रखने वाले हितग्राही पेंशन पाने के लिए अपने क्षेत्र की जनपद पंचायत या नगरीय निकाय संस्था से सम्पर्क कर आवेदन पत्र का प्रारूप प्राप्त कर सकते है। केन्द्र शासन द्वारा नि:शक्त व्यक्तियों के सामाजिक उत्थान के लिए इंदिरा गांधी राष्ट्रीय नि:शक्त पेंशन योजना लागू की गई है। इस योजना के अंतर्गत गरीबी रेखा से नीचे के नि:शक्त (विकलांग) व्यक्ति को हर माह ५०० रू. की पेंशन प्रदाय की जायेगी।
यह पेंशन ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र दोनों के नि:शक्त व्यक्ति को प्रदान की जायेगी। इस पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की आयु १८ से ६४ वर्ष के बीच होना चाहिए। आवेदक को कम से कम ४० प्रतिशत विकलांग होना चाहिए। आवेदक का नाम गरीबी रेखा की सर्वे सूची में शामील होना अनिवार्य है। पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को आवेदन पत्र के साथ ४० प्रतिशत विकलांगता का प्रमाण पत्र पेश करना होगा। इस योजना के अंतर्गत पेंशन पाने की पात्रता रखने वाले ग्रामीण क्षेत्र के हितग्राही अपने क्षेत्र की जनपद पंचायत से सम्पर्क कर सकते है। इसी प्रकार नगरीय क्षेत्र के हितग्राही अपने क्षेत्र की नगरीय निकाय संस्था से सम्पर्क कर अपना आवेदन पेश कर सकते है।
भारत को न अमेरिका बनना है, न चीन: भागवत
नई दिल्ली । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन राव भागवत ने कहा है कि भारत को अपने ढंग से आगे बढऩा है। उसे अमेरिका या चीन बनने के बजाए एक संपन्न भारत ही बनना है। श्री भागवत ने संसद के सभागार में तरुण विजय की पुस्तक 'इंडिया बेटल्स टू विन' के विमोचन समारोह में कहा कि आज वास्तव में देश को आगे बढऩा है। लेकिन भारत का अमेरिका या चीन बनने के बजाए एक संपन्न भारत ही बनना है। भारत की विजय भारत बनने में ही है। ऐसा भारत बनने में जो दुनिया के हित के लिए समर्पण कर सके। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक वास्तव में बहुत उपयोगी सिद्ध होगी। प्रख्यात लेखक और पत्रकार तरुण विजय की पुस्तक 'इंडिया बेटल्स टू विन' का कल संसद के सभागार में विमोचन हुआ। पुस्तक का विमोचन मोहन राव भागवत द्वारा किया गया। श्री भागवत ने कहा कि तरुण विजय की खासियत यह है कि वे जो लिखते हैं, दिल से लिखते हैं और इसी कारण उनकी लेखनी सीधे पाठक के दिल को छू लेती है।उन्होंने कहा कि मैं खुद तरुण विजय के लेखों को पसंद करता हूं, मैं उनका रसिक पाठक हूं, लेकिन ऐसा इसलिए नहीं कि उनमें हमारी विचारधारा झलकती है, बल्कि इस कारण क्योंकि तरूण विजय की लेखनी में ईमानदारी होती है। इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के संपादक शेखर गुप्ता ने तरुण विजय की पुस्तक 'इंडिया बेटल्स टू विन' और उनकी लेखनी के बारे में कहा कि तरुण विजय की खासियत है कि हम उनके कंटेंट से एक बार असहमत तो हो सकते हैं पर उनकी राष्ट्रवादी सोच सभी को प्रभावित करती है। उन्होंने कहा कि संवाद हमेशा जिंदा रहना चाहिए। तरुण विजय के लेख की भाषा और प्रस्तुतीकरण इतना उत्ताम होता है कि देश उनके विषयों को पूर्ण रूप से समझ पाता है। इस अवसर पर दैनिक जागरण समूह के सीईओ संजय गुप्ता ने कहा कि मैं पुस्तक के विषय पर कहना चाहूंगा कि सही में आज देश को संघर्ष कर आगे बढऩा है। मैं तरुण विजय से आग्रह करूंगा कि वह निरंतर लिखते रहें। अभी वह देश की सच्ची समस्याएं उठा रहे हैं पर मैं चाहूंगा कि वह इनसे निपटने के समाधानों पर भी विस्तृत रूप से लिखें।
रद्द होंगे सांसदों के जॉब कार्ड
भोपाल। केंद्रीय राज्यमंत्री अरुण यादव और उनके परिजनों को राष्ट्रीय रोजगार गारंटी स्कीम के तहत मजदूरी भुगतान का मामला उजागर होने के बाद पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अब सांसद विधायक और अन्य गणमान्य व्यक्तियों के जॉब कार्ड निरस्त करेगा। विभाग जिला और जनपद पंचायत स्तर पर साइबर सिक्युरिटी को मजबूत करने के लिए भी आवश्यक कदम उठाएगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव ने बताया कि नरेगा के तहत जॉबकार्ड वितरण व्यवस्था पर विचार किया जाएगा। उपयोग न किए जाने वाले जिले के गणमान्य व्यक्तियों को जारी जॉबकार्ड निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया कि कलेक्टरों को निर्देश दिए जा रहे हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में तैयार ऐसे सभी जॉबकार्ड जो सांसदों, विधायकों, जिला पंचायत अध्यक्षों एवं जनपद पंचायत अध्यक्षों के नाम अथवा उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर बने है, उन्हें निरस्त किया जाए। इसके साथ ही कलेक्टरों से कहा जा रहा है कि अन्य प्रमुख व्यक्तियों की सूची तैयार कर ऐसी ही कार्रवाई के लिए जिले के प्रभारी मंत्री से अनुमोदन प्राप्त किया जाए। भार्गव ने बताया कि नरेगा के ऑॅनलाईन डाटा के साथ छेड़छाड़ की फिर कोई घटना न हो इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाए रहे हैं। जिला और जनपद पंचायत स्तर पर साईबर सिक्योरिटी की व्यवस्था को मजबूत बनाया जाएगा। पासवर्ड व्यवस्था में भी सुधार के उपाय किए जाएंगे, ताकि भविष्य में डाटा के साथ इस प्रकार की छेडख़ानी नहीं की जा सके। इस संबंध में भारत सरकार के साथ समन्वय हेतु लिखा जा चुका है।
चीते को बसाने पर मचा बवाल
जयराम रमेश की परियोजना पर बाघ विशेषज्ञ उठाने लगे हैं सवालअफ्रीकी चीते के लिए भारत में नहीं है घास के मैदाननई दिल्ली। क्योटो प्रोटोकॉल को लेकर विवाद में आए केंद्रीय पर्यावरण व वन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयराम रमेश की चीता परियोजना पर भी बवाल मचने लगा है। बाघ विशेषज्ञों ने यह कहकर एतराज जताना शुरू कर दिया है कि अफ्रीकी चीते के लिए भारत में घास के मैदान नहीं हैं, ऐसे में यह चीता कहां दौड़ेगा। उल्लेखनीय है कि भारत में चीता पांचवे दशक की शुरुआत में लुप्त हो गया था। बाघ विशेषज्ञों के तेवरों से साफ है कि मामला प्रधानमंत्री दरबार में पहुंच सकता है। हालांकि अभी देहरादून स्थित वन्यजीव संस्थान इस परियोजना का अध्ययन कर रहा है।किसान फिर चीते को जिंदा नहीं छोड़ेंगे इसकी रिपोर्ट के बाद ही मामला आगे बढ़ेगा। लेकिन बाघ विशेषज्ञ ही नहीं बल्कि खुद पर्यावरण व वन मंत्रालय में भी इस योजना की सफलता पर आशंका जताई जा रही है। राष्ट्रीय टाइगर संरक्षण प्राधिकरण की पिछले दिनों हुई बैठक में भी ज्यादातर सदस्यों ने इस परियोजना पर सवाल खड़े कर दिए। प्राधिकरण की सदस्य व सांसद मेनका गांधी ने से कहा कि चीते को भारत लाना बेहद बड़ी गलती होगी। उन्होंने इसके कई कारण भी गिनाए। एक तो अफ्रीकी चीता घास के मैदानों में रहता है, जंगलों में नहीं। यहां घास के बड़े मैदान नहीं हैं। ऐसे में यह चीता खेतों में दौड़ने लगेगा। इससे फसल चौपट होगी और किसान फिर चीते को जिंदा नहीं छोड़ेंगे।कम से कम एक दर्जन चीता लाने होंगेइसके अलावा चीते को आबाद करने के लिए कम से कम एक दर्जन चीता लाने होंगे। इतने ज्यादा चीते भला कौन देगा। चीता परिवार के भाई-बहन कभी भी आपस में परिवार नहीं बसाते। लेकिन यहां एक ही परिवार से पैदा बच्चों में बीमारियों का ज्यादा खतरा रहेगा। इससे उनकी संख्या भी नहीं बढ़ पाएगी। फिर एक ही रास्ता बचेगा कि चीता को चिड़ियाघर में डाल देना पड़ेगा।कहां पाया जाता है चीताचीता खुली जगह, छोटा मैदान, अर्द्घ-शुष्क क्षेत्र जहां शिकार उपलब्ध हो, वहां पाया जाता है। एशियाई चीते ईरान के कवीर रेगिस्तानी क्षेत्र के अलावा पाकिस्तान के बलूचिस्तान में भी पाए जाते हैं। 90 के दशक तक ईरान में चीतों की संख्या 200 से अधिक थी, लेकिन अब 50 से 100 के बीच है।क्या है चीता परियोजनालगभग छह दशक पहले भारत ही नहीं बल्कि पूरे भारतीय उपमहाद्वीप के जंगलों से गायब हो चुके चीते को दोबारा आबाद करने की मुहिम जयराम रमेश ने छेड़ी है। विशेषज्ञों के मुताबिक अफ्रीकी चीता यहां के जंगलों में बसाया जा सकता है। क्योंकि दोनों महाद्वीपों के चीतों में जेनेटिक तौर पर अंतर नहीं है।
आग से जयपुर में रेल मार्ग हुआ बंद
जयपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे ने जयपुर के सीतापुरा इलाके में आईओसी डिपो में कल शाम से लगी भीषण आग को देखते हुए जयपुर -सवाई माधोपुर मार्ग पर ट्रेनों का संचालन आगामी आदेश तक रोक दिया है। जयपुर -सवाई माधोपुर रेल मार्ग आईओसी डिपो से कुछ फर्लांग की दूरी पर है। उत्तर पश्चिम रेलवे के जनसम्पर्क अधिकारी यशवन्त कुमार शर्मा के अनुसार आईओसी डिपो में आग लगने के बाद इस मार्ग से गुजरने वाली तीन गाड़ियां रद्द कर दी गई हैं तथा जयपुर से सवाई माधोपुर की ओर जाने वाली और सवाई माधोपुर से जयपुर की ओर आने वाली अन्य गाड़ियों को परिवर्तित मार्ग से चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अगले आदेश तक जयपुर - सवाई माधोपुर रेल मार्ग पर यातायात बंद रहेगा।कई ट्रेनों के मार्ग में परिवर्तनशर्मा के अनुसार जयपुर-एर्नाकुलम, जोधपुर-इन्दौर, भोपाल-जोधपुर, बांद्रा-जयपुर, मुम्बई सैंट्रल-जयपुर, मुम्बई-जयपुर, जबलपुर-जयपुर गाड़ियों को परिवर्तित मार्ग फुलेरा, चितौड़गढ़-अजमेर के रास्ते भेजा जा रहा है और इसी रास्ते वे वापस भी आ रही हैं। उन्होंने बताया कि जयपुर-राजेन्द्र नगर गाड़ी बांदीकुई से जयपुर होते हुए अजमेर भेजी जा रही है जबकि पुरी से जयपुर की गाड़ी भरतपुर बांदीकुई के रास्ते चलाई जा रही है। शर्मा के अनुसार जयपुर-श्यामगढ, जयपुर-बयाना समेत तीन गाडियां रदद कर दी गई हैं। उन्होंने बताया कि आग लगने के कुछ घंटे बाद जयपुर आने वाली स्पेशल ट्रेन को वनस्थली रेलवे स्टेशन पर रोक दिया गया।कुछ समय की प्रतीक्षा के बाद इस ट्रेन को वनस्थली पर ही समाप्त कर पुन बयाना के लिए रवाना किया गया। शर्मा के अनुसार जयपुर -सवाई माधोपुर रेल मार्ग पर यातायात अगले आदेश तक निरस्त रहेगा।
नागपुर में मैच, दिल्ली में सट्टा, तीन अरेस्ट
नई दिल्ली।। बुधवार को जब नागपुर में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच वनडे मैच चल रहा था, उस दौरान दिल्ली के शकरपुर इलाके में अपने घर में बैठकर 3 भाई हाईटेक तरीके से इस मैच पर सट्टा लगा रहे थे। पुलिस ने इनके घर पर रेड डाली और इन तीनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया। इनकी पहचान अभिनव उर्फ लकी उर्फ आनंद (28), अनिल सलूजा उर्फ मनु (26) और रवि सलूजा (24) के रूप में हुई। ये तीनों लक्ष्मी नगर के गुरु रामदास नगर में रहते हैं। पुलिस ने इनके घर से 3 टीवी सेट, एक लैपटॉप, एक नेट कनेक्शन सेट, एक कैलकुलेटर, 2 रजिस्टर, मोबाइल फोन चार्ज करने के 5 एक्सटेंशन बोर्ड, 126 मोबाइल फोन, 36 मोबाइल चार्जर, 2 वॉकी टॉकी फोन और एक रिमोट जब्त किया है। जिस वक्त पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार किया, उस वक्त मैच चल रहा था और तब तक ये लोग एक करोड़ से ज्यादा का सट्टा लगा चुके थे। अडिशनल डीसीपी (ईस्ट डिस्ट्रिक्ट) ओ. पी. मिश्रा के मुताबिक, पुलिस को सूचना मिली थी कि शकरपुर इलाके के एक घर में भारत-ऑस्ट्रेलिया मैच पर सट्टा लगाया जा रहा है। पुलिस ने गुरु रामदास नगर स्थित उस मकान पर छापा मारा और वहां से इन तीनों अभियुक्तों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि ये लोग 2 महीने से यह रैकेट चला रहे थे और पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए लगातार अपनी लोकेशन बदलते रहते थे। यह रैकेट पहले मुंबई से ऑपरेट किया जाता था, लेकिन बाद में इसे फरीदाबाद और गुड़गांव से ऑपरेट किया जाने लगा। रैकेट के सदस्य दिल्ली के विभिन्न इलाकों में काम करते थे और क्रिकेट मैचों पर सट्टा लगवाते थे। एक तरफ ये लोग गुड़गांव और फरीदाबाद में बैठे अपने आकाओं के संपर्क में रहते थे और उनसे लगातार सट्टे के रेट लेते रहते थे, वहीं दूसरी तरफ ये लोग अपने ग्राहकों के संपर्क में रहकर उनसे भी रेट लेते रहते थे। चूंकि संपर्क का सारा काम मोबाइल के जरिए होता था, इसलिए इन लोगों ने कई मोबाइल ले रखे थे। अपने ग्राहकों को भी ये लोग अलग अलग मोबाइल नंबर देते थे। मैच की स्थिति के हिसाब से सट्टे के भाव ऊपर-नीचे होते रहते थे। मैच खत्म होने के बाद इनके साथी कस्टमर से मिलकर पैसे कलेक्ट करते थे और फिर यह रकम आपस में बांट ली जाती थी। पूछताछ में पता चला कि यह रैकेट मैचों के अलावा चुनावों के दौरान भी राजनीतिक पार्टियों की हार-जीत पर सट्टा लगवाता था।
भारत-पाक: मनमोहन ने 'दोस्ती का हाथ' बढ़ाया
मनमोहन सिंह ने भारत प्रशासित कश्मीर के युवाओं से ख़ास अपील की है-----------
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अनंतनाग में कहा है कि वे व्यापार, लोगों की आवाजाही, अमन और विकास के लिए पाकिस्तान के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं. उन्होंने ये भी कहा कि वे चाहते हैं कि उन्होंने जो दोस्ती का हाथ बढ़ाया है, पाकिस्तान उसे आगे बढ़कर स्वीकार करे.भारत प्रशासित कश्मीर में अनंतनाग में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ बातचीत लाभदायक तभी होगी यदि 'पाकिस्तान अतंकवाद पर काबू पाए और भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने वालों को सज़ा दिलाए.'उन्होंने वहाँ 18 किलोमीटर लंबी अनंतनाग-काजीगुंड रेलवे लाइन का उदघाटन भी किया. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा, "पाकिस्तान में अधिकतर लोग भारत के साथ अच्छे संबंध चाहते हैं. वे स्थायी अमन चाहते हैं और हम भी यही चाहते हैं. नियंत्रण रेखा (कश्मीर) के दोनों ओर व्यापार के और ज़रिए उपलब्ध कराने ज़रूरी है. भारत और पाकिस्तानी के क़ैदी अपनी सज़ा पूरी करने के बाद भी जेलों में रहते हैं."उनका कहना था, "हमें इन मसलों में पाकिस्तान का सहयोग चाहिए. हम इन सभी मसलों पर पाकिस्तान के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं. लेकिन मुफ़ीद बातचीत के लिए ज़रूरी है कि आतंकवाद पर काबू पाया जाए. पाकिस्तान में जो लोग भारत में आतंकवाद फैलाना चाहते हैं, फिर वे चाहे ग़ैर-सरकारी ही हों, उनके तंत्र को नष्ट किया जाए और उन्हें सज़ा दिलाई जाए. मैं पाकिस्तान के आवाम और सरकार से अपील करता हूँ कि वे सच्चाई और नेक इरादों के साथ हमारा साथ दे....हमने जो दोस्ती का हाथ बढ़ाया है वे आगे बढ़कर उसे स्वीकार करें."उन्होंने कहा, "कश्मीर के लोगों में स्थायी अमन कायम होने का विश्वास जागा है. आतंकवादी भारत और पाकिस्तान के बीच दुश्मनी का माहौल कायम रखना चाहते हैं. उन्होंने मज़हब का ग़लत इस्तेमाल किया है. उनकी सोच के लिए हमारे बीच कोई जगह नहीं है. ये हमारी भाईचारे की रिवायत के ख़िलाफ़ है." उनका कहना था कि राजनीतिक मक़सदों के लिए चरमपंथ का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता.भारत-पाकिस्तान के संदर्भ में मनमोहन सिंह ने एक शेर भी सुना डाला, "कुछ ऐसे भी मंजर हैं तारीख़ की राहों में; लम्हों ने ख़ता की थी, सदियों ने सज़ा पाई.."'ख़ून-ख़राबे का दौर ख़त्म हो रहा है'-------------------------जम्मू-कश्मीर के लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने पिछले कई वर्षों में केंद्र सरकार की ओर वहाँ शुरु की गई परियोजनाओं की ज़िक्र किया.मनमोहन सिंह का कहना था, "कश्मीर में ख़ून-ख़राबे और आतंकवाद का दौर ख़त्म हो रहा है. आम आदमी समस्याओं को बातचीत से सुलझाना चाहता है. हम पहले भी कह चुके हैं कि जो भी ख़ून-ख़राबा छोड़े दे, हम उससे बात करने को तैयार हैं. गोल-मेज़ सम्मेलन भी हुआ था. मैं फिर कहना चाहता हूँ कि हम उन सभी लोगों से बात करने को तैयार है जो कश्मीर में अमन और विकास चाहते हैं. हम सभी को साथ लेकर चलना चाहते हैं. हमने ये कमज़ोरी के तहत नहीं कहा है. हमने पहले पाकिस्तान सरकार के साथ बातचीत भी की थी. जम्मू-कश्मीर के समग्र हल की बातचीत भी उसमें शामिल थी."उन्होंने भारत प्रशासित कश्मीर के युवाओं से भी अपील की कि वे 'एक नए राज्य के विकास में हाथ बटाएँ.' उनका कहना था कि उन्हें युवाओं की मायूसियों का अहसास है पर हालात बदल रहे हैं और वे भी खुले दिल और दिमाग से सोचें.संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अध्यक्ष सोनिया गांधी का कहना था, "चुनावों में हिस्सा लेकर आपने (कश्मीरियों) दुनिया को दिखा दिया है कि आप अमन, विकास और लोकतांत्रिक में विश्वास है...मसले होंगे लेकिन मसलों का हल बातचीत से ही हो सकता है. तरक्की में लोग हिस्सेदारी महसूस करें और पर्यटन क्षेत्र फिर ज़ोर पकड़े...रेल लाइन बनने से आना-जाना, आपसी जुड़ाव, भाईचारा बढ़ेगा और लोकतंत्र मज़बूत होगा."राज्य के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपने भाषण में कहा कि समय-समय पर केंद्र सरकार ने राज्य की मदद की है. उनका कहना था कि यदि राज्य को बंदूक से आज़ादी चाहिए तो उसे उस राजनीति से बाहर निकालना होगा जिसमें उसे धकेला गया था.रेल मंत्री ममता बनर्जी ने अपने संबोधन में कहा, "जनसमर्थन के बिना ये रेल लाइन नहीं बन सकती थी. फ़ारूक़ अब्दुल्ला के अनुरोध के मुताबिक जम्मू-कश्मीर में तीन और परियोजनाओं पर विचार होगा. उर्दू में भी रेल भर्ती के लिए परीक्षा होगी. किसानों ख़ास तौर पर छोटे किसानों के भूमि अधिग्रहण के बदले में मुआवज़े के बारे जो माँगे आई हैं, उन पर विचार किया जाएगा."
माओवादियों के कब्ज़े से निकली ट्रेन
ट्रेन के ड्राईवर को रिहा करा लिया गया हैदिल्ली से भुवनेश्वर जा रही राजधानी एक्सप्रेस के अग़वा ड्राइवर को माओवादियों के चंगुल से रिहा करा लिया गया है और अब ट्रेन पूरी सुरक्षा में दिल्ली के लिए रवाना हो गई है.ग़ौरतलब है कि मंगलवार की दोपहर माओवादियों ने पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम में राजधानी एक्सप्रेस के ड्राइवर को अग़वा कर ट्रेन को अपने क़ब्ज़े में लिया था. इसमें 300 से ज़्यादा यात्री इसमें फंसे हुए थे.केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम ने बताया, '' 'ट्रेन बिल्कुल सुरक्षित है. सारे यात्री सुरक्षित हैं. सीआरपीएफ और राज्य पुलिस मौके पर है और पूरा इलाक़ा सुरक्षा बलों के नियंत्रण में है.''सरकार को राजधानी एक्सप्रेस से माओवादियों का क़ब्ज़ा हटाने के लिए सुरक्षाबलों से भरी एक दूसरी ट्रेन वहाँ भेजनी पड़ी.गोलीबारीपुलिस अधिकारी कुलदीप सिंह ने बीबीसी को बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी तादाद में पुलिस बल को रवाना किया गया है पर इन पुलिसबलों को माओवादियों की ओर से गोलीबारी का सामना भी करना पड़ा.हालांकि माओवादी नेता किशन जी ने इस अपहरण की ज़िम्मेदारी लेने से इनकार किया है लेकिन माओवादियों के सहयोगी माने जाने वाले एक संगठन ने इसकी ज़िम्मेदारी ली है.इस संगठन के असित महतो ने कहा कि जब माओवादियों की ओर से बंद का आहवान किया गया है तो फिर ट्रेनों के चलने का क्या मतलब है. अगर ट्रेनें चलेंगी तो उन्हें किसी भी तरह से रोका जाएगा.उन्होंने यह भी कहा कि हज़ारों की तादाद में लोगों ने ईंट-पत्थर फेंककर रेलगाड़ियों को रोका है. हालांकि राजधानी के मसले में रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि किसी ने शार्ट सर्किट करके सिग्नल बदल दिया और ड्राइवर को गाड़ी रोकनी पड़ी.रिपोर्टों के अनुसार ट्रेन जिस वक़्त झाड़ग्राम स्टेशन के पास पहुँच रही थी और घने जंगलों वाले इलाके से गुज़र रही थी उसी वक़्त अचानक रेल सिग्नल लाल हो गया. ड्राइवर ने गाड़ी को रोका.गाड़ी रुकते ही कुछ हथियारबंद लोगों ने ट्रेन के इंजन को घेर लिया. कपड़ों से मुंह ढके ये लोग इंजन पर चढ़ गए और इंजन से इन लोगों ने चालक आनंद राव को अगवा कर लिया.
पेशावर में बड़ा धमाका, 100 की मौत
पाकिस्तान के पूर्वोत्तर शहर पेशावर में हुए धमाके में कम से कम 100 लोग मारे गए हैं और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं.ये धमाका पेशावर के भीड़भाड़ वाले इलाक़े पीपलमंडी में हुआ.इस धमाके के बाद शहर में सफ़ेद धुएँ के बादल उठते देखे गए और आसपास की इमारतों में आग लग गई.पुलिस अधिकारी अनवर शाह ने समाचार एजेंसी एएफ़सी को बताया कि कार में विस्फोटक से ये धमाका किया गया.उनका कहना था,''ये बड़ा बम धमाका था और इसकी गूंज पूरे शहर में सुनाई दी.''पेशावर के अस्पताल के डॉक्टर ज़फर इक़बाल का कहना था कि इस धमाके में 12 से अधिक लोग घायल हुए हैं जिनमें से कई की हालत गंभीर है.उल्लेखनीय है कि पाकिस्तानी सेना दक्षिणी वज़ीरिस्तान इलाक़े में तालेबान के ख़िलाफ़ अभियान चला रही है और इसके बाद से ऐसे धमाकों में तेज़ी आई है.ये धमाका ऐसे वक्त हुआ है जब अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन पाकिस्तान यात्रा पर हैं.
हुड्डा की अग्नि परीक्षा
मुख्यमंत्री पद पर दूसरी बार आसीन होने के बाद अब भूपेंद्र सिंह हुड्डा को विधानसभा में अग्नि परीक्षा देनी होगी। कल बुधवार को उन्हें सदन में बहुमत साबित करना है। वैसे आकड़ों के खेल में हुड्डा को बहुमत साबित करने में ज्यादा दिक्कत पेश नहीं आएगी, फिर भी आखिरी वक्त में क्या हो जाए कहा नहीं जा सकता। बहुमत साबित करने के लिए 45 विधायकों का जादुई आंकड़ा चाहिए। इस वक्त कांग्रेस के अपने 40 विधायकों के साथ कांग्रेस को 7 निर्दलीय व बीएसपी के एक विधायक का समर्थन हासिल है। इस प्रकार कांग्रेस के पास 48 विधायकों का आंकड़ा है। फिलवक्त हजकां के 6 विधायक भी कांग्रेस को समर्थन देते दिख रहे हैं पर हजकां का कोई भी पैंतरा सरकार का स्थायीत्व तय करेगा। अगर हजकां के सूबा प्रधान कुलदीप बिश्नोई कांग्रेस को समर्थन से इंकार करते हैं तो सरकार डगमगाती रहेगी क्योंकि निर्दलीय विधायकों पर ज्यादा भरोसा नहीं किया जा सकता। कोई भी निर्दलीय विधायक कभी भी सरकार को अलविदा कह सकता है। दूसरी तरफ, इनेलो-अकाली दल गठजोड़ की 32 सीटें है। बीजेपी भी इनके साथ आ जाए तो आंकड़ा 36 तक हो जाता है। पर अगर हजकां के छह विधायक इनेलो को समर्थन दे दें तो इनेलो के लिए दो-तीन निर्दलीय विधायकों का जुगाड़ करना कोई मुश्किल नहीं होगी। हजकां मंगलवार रात या कल तड़के विधायक दल की बैठक करने वाली है। केवल एक दिन का सत्र : नई सरकार के गठन के बाद कल से विधानसभा सत्र शुरू होगा। विधानसभा के कार्यक्रम के अनुसार केवल एक दिन का सत्र है पर बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (बीएसी ) इस पर अंतिम फैसला लेगी। इनेलो इस बात का विरोध करेगी कि सत्र केवल एक दिन का क्यों रखा गया है। पहला सत्र सुबह साढे़ नौ बजे होगा जिसमें प्रोटेम स्पीकर सभी विधायकों को हल्फ दिलवाएंगे। इसके बाद स्पीकर और डिप्टी स्पीकर का चयन होगा। दूसरे सत्र में राज्यपाल का अभिभाषण और उस पर बहस होगी। इस बीच दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी जाएगी। बहुत सी नई बातें नजर आएंगी नए सदन में : इस सत्र में सदन में कई नई बातें दिखाई देंगी। मुख्यमंत्री हुड्डा दोबारा सदन के नेता होंगे। ऐसा 1972 के बाद दूसरी बार हुआ है। ओमप्रकाश चौटाला इस बार 32 सीटें हासिल करके तेवर में दिखाई देंगे। इनेलो महासचिव अजय सिंह चौटाला विधानसभा में पहली बार ही आएंगे। हजकां के अध्यक्ष कुलदीप बिश्नोई दूसरी बार विधायक के रूप में शपथ लेंगे। पर कुलदीप के पिता पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल इस बार विधानसभा में नहीं होंगे। प्रो. संपत सिंह अपने जीवनकाल में पहली बार कांग्रेस के विधायक के रूप में होंगे और चौटाला का विरोध करते नजर आएंगे। प्रो. बीरेंद्र सिंह और करण सिंह दलाल सरीखे तेज-तर्रार विधायक विधानसभा से नदारद होंगे। दलाल 1991 से लगातार इस विधानसभा के सदस्य रहे हैं। प्रोटेम स्पीकर कैप्टन अजय सिंह यादव लगातार छठी बार सदन के सदस्य होंगे।
शांति..शांति..शांति..!
जिस सुबह के कभी तो आने का इंतजार साहिर लुधियानवी को रहा है, उसी की आस शांति की सुबह के रूप में विश्व के चार नोबेल शांति पुरस्कार विजेताओं को भी है। और शांति व अहिंसा के लिए उठे ये चार महान सुर एक देश के नहीं हैं पर इन्हें दर्द और संवेदना का संबंध जोड़ रहा है। ईरान की पहली महिला जज और नोबेल लॉरिएट शिरिन ईबादी, नार्दर्न आयरलैंड की मेरिड कोरिगन मैग्वायर और अमेरिका की जोडी विलियम्स तिब्बतियों के निर्वासन पर संवेदनशील हुई होंगी तभी तो मैक्लोडगंज पहुंचीं और शांति का संदेश दिया। आखिर यह घर भी तो एक अन्य नोबेल लॉरिएट दलाईलामा का है। मैक्लोडगंज के तिब्बतियन चिल्ड्रन विलेज में मंगलवार को चारों नोबेल विजेता पीस जैम यूथ क्रांफ्रेस के बहाने जुटे तो पूरी दुनिया को शांति का संदेश गया। जोडी विलियम्स ने कहा कि नेतृत्व का अर्थ आर्थिक रूप से शक्तिशाली होना नहीं, मानवता की सेवा करना है। सभी देशों के शासक इस बात का सबसे अधिक ध्यान रखें तभी विश्वभर में शांति स्थापित हो सकती है। उन्होंने कहा कि तिब्बत का मसला गंभीर है तथा इसको लेकर चीन को सकारात्मक कदम उठाकर इस सारे मसले का हल करना चाहिए। इसके अलावा दुनिया के कई हिस्सों में चल रही हिंसा को रोकने के लिए सभी को एकजुट होना चाहिए ताकि विश्व में शांति स्थापित हो सके। नार्दन आयरलैंड से मेरिड कोरिगेन मैग्वायर व ईरान से शिरिन ईबादी ने कहा कि तिब्बत के लोग काफी समय से निर्वासन का जीवन व्यतीत कर रहे हैं फिर अपनी संस्कृति को सहेजे हुए हैं जो बड़ी बात है। विश्व में बढ़ रही हिंसा गंभीर बनती जा रही है जिसे रोकने के लिए सभी को कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि तिब्बत मसले को लेकर चीन को गंभीरता से बात करनी चाहिए तथा इस मसले का हल निकाला जाना चाहिए। इसके अलावा तिब्बत में मानवाधिकारों का भी पूरा ध्यान रखना जाना चाहिए। दलाईलामा ने कहा कि 21वीं शताब्दी में पूरी दुनिया में कई तरह के बदलाव हो रहे हैं। आने वाले दिनों में यह बदलाव और बढ़ेगा, लेकिन एक समय ऐसा भी आएगा जब पूरी दुनिया में प्यार व शांति का प्रकाश फैलेगा। हिंसा से कभी भी शांति नहीं हुई है। अगर पिछले इतिहास को देखें तो कुछ दशकों में ही पूरी दुनिया में हिंसा से करीब दो करोड़ लोगों की जान जा चुकी है। उसके बावजूद भी कोई सही परिणाम निकलकर सामने नहीं आया है। ताकि विश्व और .. का संदेश दिया गया वहीं, इसके माध्यम से तिब्बती लोगों की पीड़ा को भी उजागर कर तिब्बत की आजादी के लिए 50 साल से जारी अभियान की अंतरराष्ट्रीय समुदाय को याद दिलाने का प्रयास किया गया। तिब्बती युवाओं को भी दलाईलामा ने इस आंदोलन में अपनाई जा रही प्यार, शांति व स्नेह की शिक्षा पर ही आगे चलने का संदेश दिया।
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